

आदित्यपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जहां पुलिस ने एनआईटी के पूर्व छात्र डिजीटल मार्केटिंग कारोबारी सुमित राज के अपहरण के मामले को विफल कर दिया है। हालांकि अपहर्ता फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एसपी ने दावा किया है कि जल्द ही सारे अपहर्ता गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। दरअसल घटना गुरुवार देर शाम की है। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जिले के तीन थानों की पुलिस ने सुमित के अपहरण का प्रयास विफल कर दिया।

मामला आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि आरआईटी गोकुल नगर सोसायटी के रहने वाले सुमित राज नामक युवक को मो हसन नामक युवक ने फोन कर आरआईटी मोड़ पर बुलाया। सुमित मुख्य रूप से डिजिटल ट्रेनर है। इसका मुख्य काम ऑनलाइन ट्रेडिंग का है।अपने एक साथी अरविंद के साथ जब सुमित आरआईटी मोड़ पहुंचा तो वहां हसन पहले से ही मौजूद था। जहां हसन ने अपने पांच अन्य साथियों के सहयोग से जबरन एक आईटेन कार (संख्या जेएच01 सीजेड- 0945) में बिठा लिया और हथियार के बल पर उसके चेहरे को ढक कर अज्ञात स्थान पर ले गए। जहां से अपराधियों ने सुमित से अपने वैसे रिश्तेदार का नंबर देने की बात कही जो दस लाख रुपए बतौर फिरौती उन्हें तत्काल दे सके, अन्यथा जान से मार देने की धमकी दी। सुमित ने अपनी पत्नी और अपने दोस्त अरविंद का नंबर अपहर्ताओं को दिया। अरविंद घटना के बाद सुमित की पत्नी को लेकर आदित्यपुर थाने पहुंचा

इस बीच बार- बार अपहर्ताओं का फोन आता देख थानेदार राजन कुमार हरकत में आए और तत्काल इसकी सूचना एसडीपीओ हरविंदर सिंह एवं एसपी को दिया। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में तत्काल एक टीम गठित किया गया। इसके बाद शुरू हुआ ऑपरेशन। करीब 5 घंटे तक माथापच्ची करने के बाद पुलिस ने गम्हरिया के अर्का जैन यूनिवर्सिटी रोड के पास सुनसान जगह से आई टेन गाड़ी रिकवर किया। इसकी भनक लगते ही अपहर्ताओं ने सुमित पर पैसे लाने का दबाव बनाने लगे। इस बीच मौका पाकर सुमित रात के अंधेरे में किसी तरह भाग निकला। मुख्य सड़क पर आते ही सुमित की नजर उसे ढूंढ रही पुलिस पर पड़ी। पुलिस को देख सुमित ने राहत की सांस ली। उसके बाद सुमित को साथ लेकर पूरी रात अपहर्ताओं की तलाश की गई पर उनका कोई सुराग नहीं मिला। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड पटना का रहने वाला सुदर्शन है जो सुमित को पहले से ही जानता था। सुदर्शन ने हसन एवं कुछ स्थानीय अपराधियों के साथ मिलकर सुमित के अपहरण की योजना बनाई जिसे समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया। इस पूरे अभियान में आदित्यपुर थानेदार राजन कुमार, आरआईटी थानेदार सागर लाल महथा, गम्हरिया थानेदार सुषमा कुमारी, एसआई अभिषेक कुमार, टाइगर मोबाइल उमाशंकर एवं अन्य पुलिस कर्मियों की अहम भूमिका रही। एसपी आनंद प्रकाश ने सभी पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की बात कही। बता दें कि जिले की यह दूसरी घटना है जहां पुलिस ने अपहरण के मामले को विफल किया है। इससे पहले मुड़िया से आटा कारोबारी महेंद्र अग्रवाल के अपहरण मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया था।
