
जमशेदपुर:कल आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से 15 का एसआईसीएस विधि द्वारा पूर्णिमा नेत्रालय में आंखों का सर्जरी एवं लैंस प्रत्यारोपण किया जायेगा। गदरा के बस्तियों में घूम घूम कर 15 आंख के मरीजों को चिन्हित कर पूर्णिमा नेत्रालय अच्छे चिकित्सा के लिए भेजा गया जिन मरीजों को चिकित्सा के लिए पूर्णिमा नेत्रालय भेजा गया उनके आंखों से कुछ भी नजर नहीं आता था शाम होते ही आंखों के सामने अंधेरा छा जाता था ऐसे मरीजों को पूर्णिमा नेत्रालय निजी बाहन से तमूलिया पूर्णिमा नेत्रालय भेजा गया जिसमें 15 रोगी मोतियाबिंद के मरीज पाए गए जिनका लैंस प्रत्यारोपण कल किया जाएगा। आयुष्मान से मोतियाबिंद के फेको सर्जरी बंद हो जाने के कारण एसआईसीएस विधि से हो रहा ऑपरेशन।एसआईसीएस का पूरा नाम स्मॉल इंसिजन कैटरेक्ट सर्जरी (Small Incision Cataract Surgery) है।मोतियाबिंद के इलाज की एक प्रभावी और किफायती विधि है, जिसमें आंख में एक छोटा सा चीरा लगाकर धुंधले प्राकृतिक लेंस को बाहर निकाला जाता है और उसकी जगह कृत्रिम लेंस (IOL) लगाया जाता है।
