
प्रतिनिधि, नोवामुंडी किसी की आंखें नम थीं तो कोई अपनों की कब्र पर फूल चढ़ाकर बीते दिनों की यादों में खोया था। कहीं जलती मोमबत्तियों की रोशनी थी तो कहीं मौन प्रार्थनाओं में अपनों के प्रति अटूट प्रेम और श्रद्धा का भाव। कुछ ऐसा ही भावुक और आध्यात्मिक दृश्य सेंट मेरीज चर्च में ऑल सोल्स डे के अवसर पर देखने को मिला। इस दिन मसीही समुदाय ने अपने दिवंगत परिजनों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को श्रद्धा एवं विश्वास के साथ याद किया।इस अवसर पर सेंट मेरीज चर्च की ओर से डीवीसी के निकट स्थित कब्रिस्तान में विशेष पवित्र मिस्सा बलिदान का आयोजन किया गया।


धार्मिक अनुष्ठान फादर जॉर्ज एक्का ने संपन्न कराया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके अनंत जीवन की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की।ऑल सोल्स डे के अवसर पर पूरा कब्रिस्तान श्रद्धा, आस्था और भावनाओं के संगम में तब्दील हो गया। विश्वासियों ने अपने दिवंगत परिजनों की कब्रों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। फूलों से सजी कब्रें और टिमटिमाती मोमबत्तियां मानो यह संदेश दे रही थीं कि अपनों का साथ भले ही छूट गया हो, लेकिन उनकी यादें कभी दिलों से दूर नहीं होतीं।पवित्र मिस्सा बलिदान के दौरान फादर जॉर्ज एक्का ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना कराई। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी अपने दिवंगत माता-पिता, भाई-बहनों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को याद किया। कई लोगों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला रहा। आंखों में नमी और दिल में अपनों की यादों के साथ सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऑल सोल्स डे केवल दिवंगत आत्माओं को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि प्रेम, क्षमा, त्याग और अनंत जीवन में विश्वास को दोहराने का पवित्र दिन भी है। ईसाई धर्म में यह दिन इस विश्वास का संदेश देता है कि मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि ईश्वर के साथ अनंत जीवन की आशा का मार्ग है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामूहिक प्रार्थना की और अपने दिवंगत प्रियजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। कब्रिस्तान में फूलों की खुशबू, मोमबत्तियों की रोशनी और प्रार्थनाओं के बीच एक ही संदेश गूंजता रहा—इंसान भले ही दुनिया से विदा हो जाए, लेकिन प्रेम और यादों में वह हमेशा जीवित रहता है।
