



जमशेदपुर।* Bring Back Indian Culture Foundation (BBIC Foundation) के बैनर तले टेल्को में भव्य *Social Influencer Meet 2026* का आयोजन किया गया। इसमें कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स शामिल हुए।सम्मेलन का उद्देश्य सभी क्रिएटर्स को एक मंच पर जोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए BBIC Foundation के को-फाउंडर श्री कृष्णकांत राय ने सभी क्रिएटर्स से एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने क्रिएटर्स से अपने कंटेंट के जरिए जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लोगों तक पहुंचाने तथा दूसरों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान संस्था से जुड़े बच्चों ने आकर्षक नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, झारखंड की समृद्ध परंपरा और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में सरायकेला जिले के सोशल इन्फ्लुएंसर्स चंदन कुमार दे, प्रदीप कुमार तथा जमशेदपुर के सोशल इन्फ्लुएंसर अमित कुमार राय की अहम भूमिका रही।कार्यक्रम में सरायकेला जिले से चंदन कुमार दे, प्रदीप कुमार, अंकित कुंभकार, राहुल कुंभकार, कामदेव महतो, सुदेश कटियार, संजय महतो, राखी दे, रिया कुमारी, प्रिया दे, अर्णव घोष एवं आरके रवि उपस्थित रहे। वहीं हाता से अरुण दास, मानिक सरदार, लवली सरदार और बबली सरदार शामिल हुए। जमशेदपुर से अमित कुमार राय, श्रेया कुमारी, अंकिता कुमारी, आकाश कुमार, मौसमी भगत और *बिस्वामित्र कुमार (संस्थापक, Yuvaaj Insights)* सहित अन्य सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर BBIC Foundation की संस्थापक पम्मी राय, को-फाउंडर कृष्णकांत राय तथा संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।


सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स एकजुट होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
