
प्रतिनिधि, नोवामुंडी, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नोवामुंडी में खेल प्रतिभाओं का ऐसा जोश देखने को मिला, जिसे बारिश भी नहीं रोक सकी.टाटा स्टील स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शनिवार को आयोजित फुटबॉल लीग के दौरान बारिश के कारण मैदान पूरी तरह गीला और फिसलन भरा हो गया था.इसके बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ.बारिश की बूंदों और गीले मैदान के बीच खिलाड़ी पूरे जोश, जुनून और खेल भावना के साथ मैदान में डटे रहे और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया.कई बार फिसलने और गिरने के बावजूद खिलाड़ी उठकर फिर मैदान में लौटते रहे।

बच्चों के इस जज्बे ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया.टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय खेल कार्यक्रम उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ.27 अगस्त को एथलेटिक्स प्रतियोगिता तथा 29 अगस्त को फुटबॉल लीग का आयोजन किया गया। क्षेत्र के 10 स्कूलों के 470 से अधिक छात्र-छात्राओं ने दोनों प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया.इनमें एथलेटिक्स में करीब 230 और फुटबॉल लीग में 240 बच्चों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया.आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना, उनमें प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करना तथा स्थानीय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना रहा। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।फुटबॉल लीग में इन स्कूलों ने मारी बाजीफुटबॉल लीग प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

कक्षा 1 से 5 बालक वर्ग में सरकारी उत्क्रमित विद्यालय, बोकना की टीम विजेता रही, जबकि सरकारी उत्क्रमित विद्यालय, कोड़ा सियालजोड़ा की टीम ने उपविजेता का स्थान हासिल किया.कक्षा 6 से 8 बालक वर्ग में सरकारी मध्य विद्यालय, सियालजोड़ा एवं देओझर (ओडिशा) की संयुक्त टीम ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। इस वर्ग में सरकारी मध्य विद्यालय, गितिलपी की टीम उपविजेता रही.वहीं कक्षा 6 से 8 बालिका वर्ग में सरकारी मध्य विद्यालय, महादेवनासा, ओडिशा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब जीता, जबकि सरकारी मध्य विद्यालय, सियालजोड़ा-देओझर (ओडिशा) की टीम उपविजेता रही.बारिश में भी दिखा खेल के प्रति जुनूनफुटबॉल लीग के दौरान बारिश के कारण मैदान की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी। जगह-जगह पानी और कीचड़ के बीच खिलाड़ियों को खेलना पड़ा। गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना भी मुश्किल था, लेकिन बच्चों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। बारिश तेज होने के बावजूद खिलाड़ी मैदान में डटे रहे।

उनके खेल के प्रति जुनून और जज्बे ने यह साबित कर दिया कि सही अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी विपरीत परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।विजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानितप्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अतिथियों ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और खेल प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों ने खेल को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए बच्चों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर बालि झोर पंचायत के मुखिया रवि सामड, बीपीओ सुधीर कुमार शर्मा तथा वार्ड सदस्य ज्योति कुमारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।पूरे आयोजन का नेतृत्व टाटा स्टील फाउंडेशन के चिन्मय बोरा ने किया। प्रतियोगिता के सफल संचालन में सुनील करुआ तथा टीएसएफ की फुटबॉल कोच टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों, शिक्षकों और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला.राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने नोवामुंडी क्षेत्र में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने के साथ-साथ ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। खास बात यह रही कि बारिश और गीले मैदान की चुनौती भी बच्चों के हौसले को नहीं डिगा सकी। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास का विकास होगा तथा भविष्य में नोवामुंडी और आसपास के क्षेत्र से नई खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।
