
नोवामुंडी, 31 जुलाई (शुक्रवार)। नोवामुंडी कॉलेज में प्राचार्य डॉ. मनोजीत विश्वास की अध्यक्षता में एनएसएस इकाई के बैनर तले कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।


इस अवसर पर आयोजित कथा वाचन कार्यक्रम में साहित्यप्रेमी छात्र-छात्राओं ने प्रेमचंद की कालजयी कहानियों—पूस की रात, बड़े घर की बेटी, बूढ़ी काकी, नमक का दरोगा, पंच परमेश्वर, ठाकुर का कुआँ, ईदगाह एवं कफन—का भावपूर्ण वाचन कर उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा वाचन में जयराम सवैया, श्रद्धा दास, जिया खातून, प्रीति कैवर्त, सुरु जेराई एवं सृष्टि ठाकुर ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए प्रेमचंद की कहानियों के सामाजिक, मानवीय एवं नैतिक पक्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद केवल एक महान कथाकार ही नहीं, बल्कि भारतीय समाज के सशक्त संवाहक थे। उनकी रचनाएँ आज भी सामाजिक समानता, मानवीय संवेदना, न्याय और नैतिक मूल्यों का संदेश देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य का गंभीर अध्ययन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
उन्होंने कथा वाचन करने वाले छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य का सजीव पाठ केवल भाषा-कौशल ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और संवेदनशीलता का भी विकास करता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को साहित्य से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
सहायक प्राध्यापक प्रो. कुलजिन्दर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “एक अच्छा पाठक ही अच्छा लेखक बन सकता है और एक अच्छा श्रोता ही एक अच्छा वक्ता बन सकता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से श्रेष्ठ साहित्य पढ़ने और उससे जीवन-मूल्यों को ग्रहण करने की प्रेरणा दी।
हिन्दी विभाग की सहायक प्राध्यापिका प्रो. भवानी कुमारी ने प्रेमचंद के साहित्य की समीक्षा करते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ भारतीय समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं।
कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक साबिद हुसैन ने किया तथा अंत में डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रो परमानंद महतो, धनी राम महतो,तन्मय मंडल, दिवाकर गोप ,सुमन चातोम्बा, लक्ष्मी मोदक, शान्ति पुरती , संतोष पाठक सहित काफी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
