
नोवामुंडी प्रखंड में दिनांक 01/05/2026 को शिक्षा जगत का एक ऐतिहासिक, भावुक और अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब प्राथमिक शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से सेवानिवृत्त सात शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर नव नियुक्त नौ सहायक आचार्यों का गरिमामय स्वागत भी अत्यंत उत्साह और सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
यह भव्य कार्यक्रम नोवामुंडी आदिवासी एसोसिएशन क्लब में आयोजित किया गया, जहां मंच संचालन की जिम्मेदारी शिक्षक अरविंद ठाकुर ने कुशलता पूर्वक निभाई। समारोह के दौरान पूरे वातावरण में शिक्षक सम्मान, अपनापन और भावनाओं की गहराई स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उनके अमूल्य योगदान, समर्पण और अनुशासन को याद कर पूरा सभागार भावुक हो उठा। जब सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए, तो कई शिक्षकों और शिक्षिकाओं की आंखें नम हो गईं।

, संवाददाता, नोवामुंडी
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक राजकुमार श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव और सलोनी धनवार ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में सभी शिक्षकों के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का जीवन केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज निर्माण की तपस्या है। 60 वर्ष की सेवा अवधि के बाद विदाई एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, इसलिए हर शिक्षक को अपने कार्यकाल में ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि विदाई सम्मान और गर्व के साथ हो।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिक्षक एक परिवार के अंग हैं, जहां अनुभव और नवाचार मिलकर शिक्षा को नई दिशा देते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक इस परिवार के मार्गदर्शक हैं, जबकि नव नियुक्त आचार्य इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाएं
जुनिका टोपनो, रीता कुमारी, परवेज अख्तर, चाइना बोस, वाहलेन चमपिया, शांति सामड, मंजुला विमोला वारुला।
नव नियुक्त सहायक आचार्य
शंकर बिरुवा, राजेश सिन्हा, महेंद्र लागूरी, ललिता सुरिन, उज्जवल विल्सन, अनीता लागूरी, त्रिभुवन गोप, बाबूलाल सिंह कुंटिया, राजेंद्र सुरिन।
कार्यक्रम में शिक्षकों की व्यापक और गरिमामय उपस्थिति रही। मौके पर शिक्षकों में राजकुमार श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, अरविंद ठाकुर, किशोर चंद्र गिरी, पुरुषोत्तम कुमार, मुकुंद नायक, सुखदेव प्रधान, अजय दास, राकेश पाठक सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं शिक्षिकाओं में सलोनी धनवार, सिंपू कुमारी, मिनोति प्रधान, बिस् टू सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं भी मौजूद थीं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों ने इसे केवल एक विदाई नहीं, बल्कि शिक्षक समुदाय की एकता, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बताया। पूरा वातावरण “गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु” की भावना से ओत-प्रोत रहा।
यह आयोजन शिक्षा जगत में एक ऐसे स्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जिसमें विदाई भी गर्व बनी और स्वागत भी प्रेरणा।
