
नोवामुंडी | 19 अप्रैल 2026: टाटा डी.ए.वी पब्लिक स्कूल नोवामुंडी के प्रांगण में रविवार को महान शिक्षाविद् और आर्य समाज के स्तंभ महात्मा हँसराज की जयंती अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उनके आदर्शों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शशिकला ने किया। वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक श्री सुरेश पंडा के सहयोग से वैदिक मंत्रों के बीच महात्मा हँसराज की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

संगीत शिक्षक अरविंद ठाकुर के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। कक्षा पांचवीं की छात्रा अस्वतिका ने अपने ओजस्वी भाषण से महात्मा हँसराज के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
‘शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, समाज सेवा है’
शिक्षक राजेश राम और सुरेश पंडा ने महात्मा हँसराज के जीवन संघर्षों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे 19 अप्रैल 1864 को जन्मे इस महापुरुष ने स्वामी दयानंद सरस्वती से प्रेरित होकर डी.ए.वी संस्थाओं की नींव रखी।

प्राचार्या श्रीमती शशिकला ने अपने संबोधन में कहा:
”महात्मा हँसराज का मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए जीना है। हमें सच्चाई, ईमानदारी और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”
