
नोवामुंडी: आस्था और अटूट विश्वास के आगे मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा नोवामुंडी के ओड़िया तालाब में देखने को मिला, जहाँ माँ बसंती की प्रतिमा का विसर्जन धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। विसर्जन जुलूस के दौरान इस बार क्रेन उपलब्ध नहीं होने के कारण चुनौती खड़ी हुई, लेकिन समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मिलकर इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

सहयोग और एकजुटता की मिसाल
समिति के सदस्यों ने बताया कि विसर्जन के लिए क्रेन की मांग की गई थी और इसकी उम्मीद भी थी, लेकिन मौके पर क्रेन उपलब्ध नहीं हो सकी। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। समिति के लोगों ने आपसी सहयोग से भारी प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाया और विधि-विधान के साथ तालाब तक ले गए।
इन लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ
इस अवसर पर पूर्णिमा कुमारी, राजीव रंजन, अंजद प्रधान और टाटा स्टील के सिक्योरिटी इंचार्ज विशंभर प्रधान ने विसर्जन में समिति के सदस्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हाथ बँटाया। इनके सहयोग से विसर्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई।
भविष्य में बेहतर व्यवस्था की उम्मीद
स्थानीय लोगों ने मौके पर मौजूद सहयोगियों की तत्परता की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के बड़े आयोजनों में क्रेन जैसी सुविधाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाएगी ताकि विसर्जन और भी सुगम हो सके। अंततः सभी ने जयकारों के साथ माँ बसंती की प्रतिमा का सम्मानपूर्वक विसर्जन किया।
