
नोवामुंडी | मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर शनिवार को नोवामुंडी स्थित डीवीसी आदिवासी एसोसिएशन भवन में झारखंड राज्य आंदोलनकारियों का ऐतिहासिक महाजुटान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर जनसैलाब में तब्दील हो गया।

पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि “आज यदि आदिवासियों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षा की आवाज देशभर में गूंज रही है, तो यह धरती आबा बिरसा मुंडा और मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के संघर्ष का परिणाम है।” उन्होंने बताया कि जयपाल सिंह मुंडा के प्रयासों से ही संविधान में पाँचवीं और छठी अनुसूची को शामिल किया गया। उन्होंने मरांग गोमके का प्रसिद्ध कथन दोहराते हुए कहा— “आदिवासियों को लोकतंत्र का पाठ मत पढ़ाइए, बल्कि आदिवासियों से लोकतंत्र का पाठ पढ़िए।”
