
प्रतिनिधि, नोवामुंडी
कोटगढ़ गाँव के भूंइयाँ टोली में शुक्रवार को आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब उषा पर्व (ओशा परब) के अवसर पर माँ ठाकुरानी की भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पूजा कार्यक्रम में मुख्य पुजारी अशोक नायक ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ ठाकुरानी की पूजा संपन्न करवाई। परंपरा के अनुसार मुर्गा, बत्तख और बोदा की बलि दी गई। इसके पश्चात भक्तों ने जलते हुए अंगारों पर चलकर अपनी अटूट श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया, जिसे देखकर पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।

पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि देहात क्षेत्रों में उषा पर्व के नाम से प्रसिद्ध ठाकुरानी पूजा ग्रामीण संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित मेले में आज भक्तों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली। मेला परिसर में खिलौनों, चूड़ियों, खाने-पीने की सामग्री और सब्जियों की अनेक दुकानें सजी हुई थीं, जिससे पूरा मेला क्षेत्र अत्यंत भव्य और आकर्षक नजर आ रहा था।
पूजा कार्यक्रम के दौरान पुजारी अशोक नायक के साथ संतोष नायक, राजू बेहरा, मुकुंद नायक, हरि नायक, पूजा समिति के सलाहकार रामचंद्र नायक एवं वोनेश्वर नायक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि ठाकुरानी उषा पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह ग्रामीण परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सजीव रूप में प्रस्तुत करता है।
