
भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने प्रातः काल गुरुद्वारा पक्की संगत में गुरु चरणों में शत शत नमन प्रणाम कर गुरुद्वारा महंत ज्ञान सिंह से मार्गदर्शन प्राप्त कर इलाहाबाद जनपद के विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में चौपाल लगाकर भाई सती दास जी,भाई मति दास जी और भाई दयाला जी की शहीदी दिवस पर शत शत नमन करते हुए कहा कि ..औरंगज़ेब के शासन काल की बात है। औरंगजेब ने इस्लामिक राष्ट्र का स्वप्न लिए हिंदुओं पर अत्याचार करने लगा मुग़ल बादशाह औरंगजेब ने मंदिर को तोड़ने और मूर्ती पूजा बंद करवाने के फरमान दिए थे, औरंगज़ेब ने सबको इस्लाम अपनाने का आदेश दे दिया कश्मीरी पंडित धर्म की रक्षा के लिए सिक्ख धर्म के नवमे गुरु श्री गुरुतेग बहादुर जी के पास फरियाद लेकर गए और धर्म की रक्षा हेतु गुहार लगाई कश्मीरी पंडितों की बात सुन और धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरुतेगबहादुर जी कश्मीरी पंडितों से कहा की औरंगजेब को जाकर बता देवे की यदि गुरुतेगबहादुर जी मुस्लिम धर्म कबुल कर लेंगे तो वह सभी भी धर्म परिवर्तन के लिए तैयार हो जाएंगे श्री गुरुतेग बहादुर जी का फरमान सुनकर औरंगजेब तिलमिला उठा और श्री गुरु तेगबहादुर जी को उनके अनुयायियों के साथ गिरफ्तार करने का फरमान जारी कर दिया औरंगजेब का फरमान सुन श्री गुरु तेग बहादुर जी औरंगजेब से मिलने चल पड़े रास्ते में श्री गुरु तेग बहादुर जी को उनके अनुयायियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया,गुरुजी के साथ तीन सिख वीर दयाला जी, भाई मतीदास जी और सतीदास जी भी दिल्ली में कैद कर लिए गए औरंगजेब चाहता था कि गुरुजी मुसलमान बन जायें। उन्हें डराने के लिए पहले बहुत से सिक्खों को गुरुजी के सामने तड़पा तड़पा कर मारा गया गुरु जी बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए एक बड़े से पिंजरे में गुरुजी को रखा गया दिल्ली का चांदनी चौक इस बात का गवाह है भाई मतिदास जी को आरे से दो भाग से चिर दिया गया सतनाम वाहेगुरु का जाप करते भाई मतिदास जी गुरु चरणों में लीन हो गएभाई सतिदास जी को रुई में लपेटा गया और इस्लाम कबूल न करने पर रुई में आग लगाकर शहीद किया गयाभाई दयाला जी को गर्म पानी के बड़े से कड़ाही में खौलते पानी में डालकर शहीद कर दिया गया।भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने अन्त मे कहा कि आप सब जब भी दिल्ली जाए तो चांदनी चौक में शीशगंज गुरुद्वारे के सामने चौक में शीश जरूर नवाए यह वह स्थल है जहां धर्म की रक्षा की खातिर भाई सती जी,दास भाई मति दास जी,भाई दयाला जी की शहादत हुई..। शत शत नमन कर अपने विचार रखने वालों में प्रमुख रूप से दलजीत कौर, परमजीत सिंह,गुरदीप सिंह सरना,राजेश थापा,सौरव यादव,हरमनजी सिंह,परमिंदर सिंह,जगजीत सिंह,कुलदीप कुमार सहित कई राष्ट्रभक्त,स्वयंसेवक उपस्थित होकर ने नमन किया।