
झारखंड में इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट जैसे कोर्स की पढ़ाई अब सस्ती और पारदर्शी हो सकती है झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ऐसे पाठ्यक्रमों की पढ़ाई फीस नियंत्रित करने के लिए विधानसभा से पारित झारखंड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान ( शुल्क विनियमन) विधियेक 2025 को मंजूरी अब गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बहुत जल्द यह क़ानून लागू हो जाएगी यह बिल विधानसभा के पूरक मानसून सत्र में ध्वनि मत से पारित की गई थी इसके लागू होने के बाद राज्य के निजी व्यवसायिक कालेज एवं प्रशिक्षण संस्थान अब मनमानी फीस मनमर्जी से नहीं बढ़ा सकेंगे ,अब फीस तय करने के जिम्मे एक शुल्क विनियमन समिति के हाथों में होंगे जो हर प्रशिक्षण कोर्स के लिए तय करेगी , कौन सा कालेज एवं शिक्षण संस्थान कितना फीस ले सकता है ,सदन में बिल पेश करते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदीवय कुमार ने कहा था कि यह कदम छात्रों एवं अभिभावकों के हित में होंगे अब कोर्स फीस तय करने में पारदर्शिता होगी। कोई भी संस्थान मनमानी नहीं कर सकता है मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने इस बिल का स्वागत करते हुए कहा कि इस बिल के पास होने से समाज के गरीब, पिछड़े, अंतिम पंक्ति के बच्चे भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे और स्वावलंबी बन पायेंगे