
मोतियाबिंद की आंखों में फिर से रौशनी जगाने की दिशा में एक और सराहनीय कदम उठाते हुए शंकर नेत्रालय, चेन्नई की मोबाइल आई सर्जिकल यूनिट द्वारा संचालित मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का शुभारंभ आज टायो गेट स्थित संथाल सारना उमूल परिसर में किया गया। इस अवसर पर टीएसजी चीफ रंजन कुमार सिंह और टीजीएस जीएम पंचम टंक ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से किया गया, जो अब तक का 118वां नेत्र शिविर है।

हाल ही में 31 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक चली जांच प्रक्रिया में 558 संदिग्ध मोतियाबिंद रोगियों की आंखों की जांच की गई थी, जिनमें से 131 मरीज ऑपरेशन हेतु चयनित किए गए हैं। ऑपरेशन के बाद सभी रोगियों की चिकित्सीय देखरेख शंकर नेत्रालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा की जाएगी। उद्घाटन अवसर पर टीएसजी चीफ रंजन कुमार सिंह ने कहा कि नेत्र ही जीवन का सबसे बड़ा प्रकाश हैं। जिनका आज ऑपरेशन संभव नहीं हो पाया है, वे अगली बार अवश्य लाभ लें। क्योंकि आंखों की ज्योति ही संसार को देखने का माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान टीएसजी प्लांट चीफ रंजन कुमार सिंह और टीजीएस जीएम पंचम टंक ने मोबाइल आई यूनिट का निरीक्षण किया और चिकित्सा टीम की तत्परता पर संतोष जताया।
ऑपरेशन का कार्य शंकर नेत्रालय के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुजॉय सरकार और डॉ. अस्मिता अधिकारी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
शिविर के शुभारंभ समारोह में टीएसजी के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन मनीष सिन्हा, महेंद्र सिंह, टीएसएफ के एस.एन. नंदा, मुकेश कुमार, उमा, नीरज गुप्ता, मृत्युंजय बर्मन, मनोज कुमार महतो, नवीन निराला सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में यह घोषणा की गई कि अगला 119वां नेत्र शिविर नोवामुंडी में आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को दृष्टिदान का अमूल्य अवसर मिल सके।