
षिरजोन 5.0 सामाजिक नव चेतना एक दिवसीय कार्याशाला का आयोजन नोवामुंडी स्थित आदिवासी एसोसिएशन में रविवार को किया गया. इस दौरान सर्व प्रथम गोवारी कार्यक्रम आयोजित किया गया.यह कार्यक्रम सेतेंड द: षिरजोन कमिटी द्वारा किया गया. स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष ने दिया. शंकर चातोम्बा ने इस कार्यक्रम का परिचय व उद्देश्य पर प्रकाश डाले.षिरजोन कार्यक्रम की चुनौतियों को पूर्व अध्यक्ष सुमित बालमुचू ने रेखांकित किया और पीएचडी के विधार्थी मनीष सुरेन ने समाज में युवाओं की भागीदारी पर विस्तार से प्रकाश डाले. मानकी मुंडा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष कालीचरण बिरूवा ने मानकी मुंडा शासन व्यवस्था को विस्तारपूर्वक बताया. कार्यक्रम में लोगों को कन्या प्रोजेक्ट बालिका विधालय कोटगढ के प्रधान शिक्षक शालेन पाठ पिंगुवा ने शिक्षा का महत्व बताया. एस्पायर एनजीओ के सहायक जिला समन्वयक भेंकट रमन ने विस्तार से बाल विवाह पर भाषण दिया. कार्यक्रम में बाल मजदूर और मजदूरों के पलायन पर जिला समन्वयक जीo नरेश ने काफी भाव पूर्ण भाषण दिये. एस्पायर संस्था के उपेंद्र ने भी बाल मजदूर तथा मजदूरों के रोजगार हेतु अयंत्र पलायन पर भाषण दिये. कहा, खराब व्यवस्था के चलते विधार्थी अयंत्र मजदूरी के लिये पलायन करते हैं. उच्च विधालय कोटगढ के प्रधान शिक्षक हाथी राम मुंडा ने विस्तार से सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षा पर भाषण दिया. वहीं, उच्च विधालय दूधबिला के प्रधानाध्यापक सोमनाथ बिरूवा ने धार्मिक शिक्षा पर जोर दार भाषण दिये. कहा,सभी धर्म अच्छे हैं. यह आपस में मिल जुल कर रहने की सीख देते हैं. ज्ञान के बिना मनुष्य अधुरा है. अपने में समय के अनुसार बदलाव लाना है. फेस बुक आपको बदनाम करते हैं,जो लुक फेसबुक में आप डालते हैं इससे बदनाम होते हैं इसके अलावा नशापान व सडक सुरक्षा पर भी वक्ताओं ने भाषण दिये.षिरजोन टेक्निकल व�