
सारांडा जंगल की करमपादा गाँव की बसंती लुगुन की माता पिता की मृत्यु हो ने बाद बडी माँ पिता के द्वारा पालन पोसंन् किया जा रहा था गाँव में काम नहीं होने का कारण परिवार काफी कठिनाई से चल रही थी बसंती की जीजा दीदी के द्वारा काम दिलाने के लिए दिल्ली ले कर गया था

नाबालिक 16 वर्ष होने के कारण काम नहीं मिल रहा था काम की तलास मे बिछड़ गई इसी बीच नई दिल्ली स्टेशन मे पुलिस जांच मे पकड़ ली गई और चाइल्ड होम भेज दिया गया दिल्ली चाइल्ड होम से चाईबासा सी डी पी यू मे बसंती की रिपोर्ट भेजा गया बसंती की परिवार को खोजने को डालसा के पी एल वी दिल बहादुर् को दिया गया

करमपादा सारंडा के घने जंगलों के होने के कारण करमपादा की जेंडर सी आर पी कुलदीप कौर और ग्राम संगठन की अध्यक्ष लक्ष्मी कुमारी की सहायता से पूरी परिवार की जांच किया गया इसकी एस आई आर रिपोर्ट सी डी पी यू चाईबासा को भेजा गया जिसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसंती को दिल्ली से चाईबासा लाया गया फिर चाईल्ड वेल्फेर कमिटी चाईबासा के द्वारा परिवार के सदस्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसंती लुगुन को दोनों मौसी के हाथो मे सौंपा गया बिछड़ कर वापस
घर पहुँच कर परिवार में खुशी देखा गया