
प्रतिनिधि, संचार भारत
षिरजोन 6.0 के चार दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन बड़ाबालजोड़ी ग्रीन स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताओं का रोमांच चरम पर रहा.खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, दर्शकों के उत्साह और पारंपरिक जनजातीय खेलों की जीवंतता ने पूरे मैदान को उल्लास से भर दिया। दूसरे दिन आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, फुर्ती और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया.खेल प्रतियोगिताओं के साथ उत्कृष्ट किसानों एवं समाजसेवियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना भी की गई.
आदिवासी हो भाषा, संस्कृति, परंपरा और पारंपरिक खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित षिरजोन 6.0 जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है, वहीं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है.
पारंपरिक जनजातीय खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
दूसरे दिन आयोजित विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्थान प्राप्त किए। प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे.
आः सर खेल प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: जयराम कुंकल
द्वितीय स्थान: मंगल सिंह सिंकु
तृतीय स्थान: काबुल चातोम्बा
पारंपरिक दुरंङ प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: हिरामनी सिंकु
द्वितीय स्थान: कैरा सिरका
गुलेल तोड़े प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: मशकल चाम्पिया
द्वितीय स्थान: मैसुरू लागुरी
तृतीय स्थान: जीतेन केराई
बड्चोम उंञ प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: रमेश सिंकु
द्वितीय स्थान: रघुनाथ चातोम्बा
तृतीय स्थान: सीखराम चाम्पिया
महिला दौड़ प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: बोती कैरम
द्वितीय स्थान: मनीषा बोबोंगा
तृतीय स्थान: गंगी गोप
पुरुष दौड़ प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: अमित मुखी
द्वितीय स्थान: दीपक पुरती
तृतीय स्थान: अमित पुरती
प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने आयोजन को और भी खास बना दिया। पारंपरिक खेलों के जरिए जनजातीय समाज की खेल विरासत को संरक्षित करने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल की गई.
फुटबॉल मुकाबलों में भी दिखा रोमांच

पारंपरिक खेलों के साथ फुटबॉल प्रतियोगिताओं ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। फुटबॉल प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे.
फुटबॉल 40+ प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: सुरेन्द्र FC
द्वितीय स्थान: Dipence FC
तृतीय स्थान: नोवामुंडी FC
लोकल फुटबॉल प्रतियोगिता
प्रथम स्थान: नोवामुंडी ब्लास्टर
द्वितीय स्थान: CSC दिरीबुरू
फुटबॉल मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा और दर्शकों के उत्साह ने पूरे आयोजन में रोमांच बनाए रखा।
उत्कृष्ट किसान एवं समाजसेवियों को किया गया सम्मानित
षिरजोन 6.0 के दूसरे दिन आयोजित सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से कृषि क्षेत्र में योगदान देने वाले किसानों और समाजसेवा के जरिए जनकल्याण में जुटे लोगों के कार्यों को पहचान देने का प्रयास किया गया.
आयोजकों की इस पहल को समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को कृषि, सामाजिक विकास और जनसेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं.
बिजली विभाग के एसडीओ शंकर सवैया सहित कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बिजली विभाग के एसडीओ शंकर सवैया सहित क्षेत्र के मानकी-मुंडा एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई.कार्यक्रम के माध्यम से पारंपरिक खेलों, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकजुटता के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया.
इस अवसर पर षिरजोन टीम की ओर से लक्ष्मण तिरिया, अमरजीत लागुरी, रोया लागुरी, जयराम हेस्सा, सुशील पुरती, अरुण चातोम्बा, सोनाराम चातोम्बा, अजय चातोम्बा और राम सोय सहित सैकड़ों टीम सदस्यों की उपस्थिति रही। टीम के सदस्यों एवं आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं के सहयोग से खेल प्रतियोगिताओं और सम्मान समारोह का संचालन किया गया।
भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का सशक्त मंच बना षिरजोन 6.0
षिरजोन 6.0 केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी हो समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, सामुदायिक एकता और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच भी है। पारंपरिक जनजातीय खेल समाज की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं.
ऐसे आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही, नई पीढ़ी अपनी जड़ों, परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों से जुड़ती है। पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने से इनकी पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है.
बड़ाबालजोड़ी ग्रीन स्टेडियम में आयोजित षिरजोन 6.0 खेल, संस्कृति, सम्मान और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम बन रहा है। आयोजन के दूसरे दिन की सफल गतिविधियों से प्रतिभागियों, आयोजकों और षिरजोन परिवार में उत्साह का माहौल रहा। चार दिवसीय आयोजन के आगामी चरणों को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है.
