
अंतिम संस्कार में राधा स्वामी सत्संग संस्था के अनुपस्थित रहने पर पर कई सवाल उठे
जमशेदपुर /चाईबासा के नजदीक दर्दनाक सड़क हादसे में मां अमृत कौर और दो पुत्रियां अमनदीप कौर गुरु सिमरन कौर की मौत के बाद मृतकों के अभिभावक तेजपाल सिंह जगदीप सिंह को साथ लेकर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं चाईबासा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने चाईबासा शमशान घाट में दाह संस्कार कर दिया इस मौके पर सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान भगवान सिंह चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह वरीय उपाध्यक्ष एवं चाईबासा गुरुद्वारा प्रधान गुरमुख सिंह खोकर वरीय उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह राजू अवतार सिंह सोखी महासचिव गुरु चरण सिंह बिल्ला ज्ञानी हरविंदर सिंह जमशेदपुर सलाहकार अजीत गंभीर सुखदेव सिंह बिट्टू सुरेंद्र सिंह शिंदे ज्ञानी कुलदीप सिंह जगजीत सिंह भाटिया चाईबासा स्त्री सत्संग सभा एवं नौजवान सभा के लोग मौजूद थेइस भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया। इसकी एक झलक आज चाईबासा शमशान घाट में मिली तीनों की चिता जलते देखकर पूरा माहौल गमगीन हो गया इस सड़क हादसे में परिवार के पिता प्रदीप सिंह वीर की हालत भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं परिवार की एक बच्ची हरमन कौर उम्र 6 वर्ष हिसाब से मैं बच गई है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जमशेदपुर के प्रतिनिधि एवं चाईबासा गुरुद्वारा की समूह साध संगत अंतिम संस्कार में शामिल हुए और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। चाईबासा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह खोखर तथा कमेटी के सभी सदस्यों और स्त्री सत्संग सभा ने भी इस दुख की घड़ी में सराहनीय सहयोग किया।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से परिवार के गंभीर रूप से घायल मुखिया के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए टीएमएच अस्पताल में भी लगातार संपर्क रखा गया है ज्ञातव्य है कि यह परिवार राधा स्वामी सत्संग में भाग लेने के लिए आदित्यपुर आ रहा था परंतुअंतिम संस्कार में राधा स्वामी संस्था के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं
जानकारी के अनुसार, यह परिवार सिख धर्म से जुड़ा हुआ था और गुरु साहिब की मर्यादा के अनुसार केश और दाढ़ी रखता था। परिवार राधा स्वामी सत्संग के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूर से आ रहा था, तभी रास्ते में यह भीषण हादसा हो गया।
केंद्रीय कमेटी के महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला ने कहा की इस घटना के बाद सबसे दुखद बात यह रही कि जिस सत्संग में शामिल होने के लिए परिवार यात्रा कर रहा था, उस राधा स्वामी संस्था की ओर से अंतिम संस्कार के समय कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना, उसके दुख में सहभागी बनना और उसकी सहायता करना मानवीय संवेदना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह एवं चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सिख होने के नाते केंद्रीय कमेटी ने अपना फर्ज निभाया। चाईबासा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और स्त्री सत्संग सभा ने भी आगे आकर परिवार को सहयोग दिया। यह समय किसी धर्म या संस्था के प्रति विवाद खड़ा करने का नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार की मदद करने का है। फिर भी यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि जिस संस्था से जुड़कर परिवार सत्संग में शामिल होने जा रहा था, उसके प्रतिनिधियों को भी अंतिम संस्कार में पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी बताया जाता है प्रधान भगवान सिंह के कहने पर चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने राधा स्वामी संस्था के विजय गगवानी को 94255 62763 नंबर पर कई फोन किया परंतु किसी ने भी रिसीव नहीं किया
प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि पिता प्रदीप सिंह के इलाज पर 30 से 35 लाख रुपये तक खर्च का अनुमान होने की संभावना है
प्रदीप सिंह वीर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके इलाज के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की आवश्यकता बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, टीएमएच अस्पताल में इलाज का खर्च लगभग 30 से 35 लाख रुपये तक हो सकता है। यह राशि परिवार के लिए जुटाना बेहद कठिन है।

एक ओर मां और दो बड़ी बेटियों की मृत्यु से परिवार टूट चुका है, वहीं दूसरी ओर आठ वर्षीय मासूम बच्ची के सिर से मां और दोनों बहनों का साया उठ गया है। बच्ची के पिता की जिंदगी भी गंभीर संकट में है। परिवार के बुजुर्ग तेजपाल सिंह काफी वृद्ध हैं, जबकि नाना-नानी भी इस कठिन परिस्थिति में ज्यादा सहारा देने की स्थिति में नहीं हैं।
ऐसे में इस परिवार को केवल सांत्वना नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
राधा स्वामी संस्था और संगत से आगे आने की अपील
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह बिल्ला की ओर से राधा स्वामी संस्था तथा उससे जुड़े श्रद्धालुओं और समर्थ संगत से अपील की है कि वे इस परिवार की सहायता के लिए आगे आएं।
संस्था से अनुरोध है कि पिता के इलाज में यथासंभव आर्थिक सहयोग दिया जाए और जरूरत पड़ने पर इलाज के खर्च की जिम्मेदारी उठाने के लिए भी पहल की जाए। संस्था से जुड़े समर्थ श्रद्धालु यदि मिलकर सहयोग करें, तो इस परिवार को बड़ी राहत मिल सकती है।
आज एक आठ वर्षीय बच्ची का भविष्य दांव पर है। उसकी मां और दोनों बहनें इस दुनिया में नहीं रहीं। यदि पिता को भी कुछ हो गया, तो बच्ची के सामने जीवन की बेहद कठिन चुनौती खड़ी हो जाएगी।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का स्पष्ट संदेश है कि मानवता और सेवा का धर्म सबसे बड़ा है। संकट के समय किसी परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची सेवा है। इसलिए राधा स्वामी संस्था, उससे जुड़े श्रद्धालुओं और समाज के सभी समर्थ लोगों से अपील है कि वे इस परिवार की मदद के लिए आगे आए
