
संवाददाता संचार भारत न्यूज़, नोवामुंडी
नोवामुंडी में हरितालिका तीज को लेकर उत्साह चरम पर है। सुहाग, श्रद्धा और श्रृंगार के इस पावन पर्व के स्वागत में रविवार को पूरा बाजार उत्सवी रंग में नजर आया। साड़ी, चूड़ी, बिंदी, सिंदूर और पूजन सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। वहीं मेहंदी कलाकारों के पास भी दिनभर महिलाओं और युवतियों की कतार लगी रही। इस बार हरितालिका तीज के साथ गणेश पूजा भी होने से पर्व की रौनक दोगुनी हो गई है।

सोमवार को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। दिनभर उपवास के बाद शाम को स्नान कर सोलह श्रृंगार करेंगी और माता पार्वती व भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी। इस दौरान सुहाग की सामग्री माता पार्वती को अर्पित कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना की जाएगी।
मेहंदी के रंग में रंगे सुहागिनों के हाथ

तीज की तैयारियों के बीच रविवार को मेहंदी लगवाने को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बाजार में मेहंदी कलाकारों की मांग बढ़ गई। कई कलाकार सुबह से शाम तक महिलाओं के हाथों पर आकर्षक डिजाइन बनाते नजर आए। किसी ने फूल-पत्तियों और बेल-बूटों वाले डिजाइन पसंद किए तो किसी ने पारंपरिक मेहंदी को प्राथमिकता दी। कई महिलाओं ने घर पर ही अपने हाथों में मेहंदी रचाई।

हाथों पर चढ़ता मेहंदी का रंग और चेहरे पर तीज की खुशी ने बाजार के माहौल को और भी रंगीन बना दिया। श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर भी महिलाओं ने साड़ी, चूड़ी, बिंदी, सिंदूर सहित सोलह श्रृंगार की सामग्री की जमकर खरीदारी की।
शिव-पार्वती की आराधना में लीन होंगी महिलाएं
हरितालिका तीज आस्था और समर्पण का विशेष पर्व माना जाता है। व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखकर शाम को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी। कई महिलाएं घरों में पूजा की तैयारी कर रही हैं, जबकि श्रद्धालु मंदिरों में भी पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लेंगी। पूजा के दौरान भक्ति गीतों और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय होने की उम्मीद है।
तीज के साथ गणेश पूजा से बढ़ी बाजार की रौनक
इस बार तीज और गणेश पूजा एक ही दिन होने से बाजार में खरीदारी का उत्साह और बढ़ गया है। फल-फूल, पूजन सामग्री, पूजा की थाली, वस्त्र और अन्य धार्मिक सामानों की मांग में तेजी देखी गई। दुकानदारों के अनुसार पर्व को लेकर लगातार खरीदारी होने से बाजार में अच्छी चहल-पहल बनी हुई है।

दोनों पर्व एक साथ होने से पुरोहितों की व्यस्तता भी बढ़ गई है। अलग-अलग घरों में पूजा कराने के लिए पंडितों की मांग बढ़ी है और कई पुरोहितों को एक ही दिन कई स्थानों पर पूजा-अर्चना कराने जाना पड़ रहा है।

रविवार की बाजार की रौनक ने साफ कर दिया कि नोवामुंडी तीज के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। सोमवार को मेहंदी रचे हाथ, सोलह श्रृंगार की चमक, निर्जला व्रत और शिव-पार्वती की भक्ति से शहर का माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्सवी नजर आएगा। तीज और गणेश पूजा के इस संगम पर चारों ओर “हर-हर महादेव” और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजने की उम्मीद है।
