
संचार भारत न्यूज संवाददाता, नोवामुंडी। सावन मास की पावन सप्तमी तिथि पर बुधवार को पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। भगवा वेशभूषा में कंधों पर कांवड़ उठाए बच्चों के ‘बोल बम-बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से नोवामुंडी का पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में सराबोर हो गया। नन्हे कांवड़ियों की टोली जहां से गुजरी, वहां लोगों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो गया।

विद्यालय परिसर से शुरू हुई कांवड़ यात्रा मुख्य मार्ग, स्टेशन रोड और बाजार चौक होते हुए नोवामुंडी बाजार स्थित शिव मंदिर पहुंची। हाथों में कांवड़ और मुख पर भोलेनाथ का जयघोष लिए बच्चे पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। उनकी भक्ति और उमंग ने सावन की सप्तमी के माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
जलजमाव और खराब सड़क भी नहीं रोक सकी आस्था
यात्रा के दौरान विद्यालय के मुख्य मार्ग पर जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति खराब थी। इससे नन्हे बच्चों को काफी परेशानी हुई, लेकिन उनकी आस्था और उत्साह में जरा भी कमी नहीं आई। कठिन रास्ते के बावजूद बच्चे पूरे जोश के साथ बोल बम का जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे।
शिव मंदिर पहुंचने पर बच्चों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में विद्यालय की शिक्षिका ने भक्ति भजन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सीमा पालित, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। नन्हे कांवड़ियों की श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

प्रधानाचार्य सीमा पालित ने बताया कि विद्यालय की ओर से प्रत्येक वर्ष सावन माह में भैया-बहनों द्वारा कांवड़ यात्रा निकाली जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था, संस्कार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में श्रद्धा के साथ अनुशासन, सामूहिकता और सामाजिक सहभागिता की भावना भी मजबूत होती है।
