
वीर शहीद चानकु महतो स्मारक समिति द्वारा आज मेम क्लब, भालूकविंदा चौक में हूल विद्रोह के महानायक वीर शहीद चानकु महतो की जन्म जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें लाया लखन महतो (पुजारी) ने विधिवत पूजा संपन्न कर शहीद चानकु महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने वीर शहीद चानकु महतो के अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि हूल विद्रोह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान, अधिकार और स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक था। इस विद्रोह में वीर शहीद चानकु महतो का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे महान वीरों की जयंती मनाने का उद्देश्य समाज को उनके इतिहास, संघर्ष और आदर्शों से जोड़ना है, ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि शहीदों के बताए मार्ग पर चलकर समाज में एकता, भाईचारा और विकास का संदेश फैलाएं।
कार्यक्रम में हरिशंकर महतो, अमित महतो, स्वपन महतो, कोकिल महतो, मनोरंजन महतो, चंदन महतो, जितेन महतो, पुरुषोत्तम महतो, विकास महतो, पूर्णेंदु महतो, भुवन महतो, दिलीप महतो, लख्खी महतो, हांसू महतो, कालू महतो, समीर महतो, रतन किस्कू, हाराधन महतो सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने एक स्वर में वीर शहीद चानकु महतो के आदर्शों को अपनाने और उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखने का संकल्प लिया।
