
आजसू प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि टाटा स्टील और जेएनएससी ने शहर में संयुक्त रूप से गरीबों पर अत्याचार और अन्याय करने का कार्य कर रही है और जिस तरह से भुइयाडीह के अतिक्रमण किया गया है और कोई जनप्रतिनिधि का नहीं होना यह दर्शाता है कि टाटा स्टील और जेएनएससी ने संयुक्त रूप से गरीबों को उजाड़ने का टेंडर निकाला और गरीबों के आशियाना उजाड़ दिया ,
शहर में कई अवैध बड़ी बड़ी इमारतें बनी हुई है और कई बन रही है लेकिन इस हेमंत की सरकार में “खाता न बही जो मॉल दे दिया उसका कार्य सही” ऐसी दोहरी नीति इस शहर में चलने नहीं दिया जायेगा, दुर्भाग्य है इस राज्य का जिन्हें हाईकोर्ट के तरफ से इन्हें नोटिस दिया जाता अधिकारियों को वार्निंग दिया जाता है शहर का हवा दूषित हो गया है लेकिन पदाधिकारी जो स्वयं को राजा समझ चुके है उनके कानो में जू नहीं रेंगता है
इससे पूर्व भी टाटा स्टील और उनके नुमाइंदों के साथ साथ जिला प्रशासन द्वारा लाल बाबा फाउंड्री को तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन उक्त स्थल पर पूंजीपतियों का व्यवसायिक प्रतिष्ठान है और सभी का टाटा स्टील से परोक्ष या अपरोक्ष रूप से संबंध रहा है इसलिए उसे तोड़ने की हिमाकत नहीं किया बल्कि भुइयाडीह में अपने जीवन यापन कर रहे उन सभी गरीबों को उजाड़ कर उनके आशियाना छीन लिया , शहर में यह दोहरी नीति क्यों और कैसे इस का जबाव देना चाहिए , एक तरफ सभी दलों के द्वारा संयुक्त रूप से आंदोलन करके लाल बाब फाउंड्री को बचा लिया गया और अभी तो पक्ष हो या विपक्ष सभी नेता गायब हो गए है जिसपर आजसू निगाह गड़ाई हुई है और सही समय का इंतजार कर रही है क्योंकि वक्त के साथ आजसू आवाज बन कर शहर में उभरेगी और सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी ।
अप्पू तिवारी ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को अविलंब आश्रय की व्यवस्था कराया जाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था हो अन्यथा सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी आजसू पार्टी ।
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