
टाटा स्टील फाउंडेशन, शंकर नेत्रालय और सरकारी अनुमति के संयुक्त प्रयास से आयोजित निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर ने पहले दिन ही बड़ी सफलता हासिल की। यह शिविर गाँव और आसपास के क्षेत्रों में मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों को नि:शुल्क, सुरक्षित और विश्वसनीय नेत्र चिकित्सा सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
शिविर का उद्घाटन स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति में किया गया। पहले दिन कुल 33 मरीजों का ऑपरेशन विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। आयोजकों ने शनिवार को 35 और मरीजों का ऑपरेशन करने का लक्ष्य रखा है।
डॉ. कुशल कुमार साहू ने बताया कि इस शिविर में आने वाले मरीजों को नि:शुल्क नेत्र जांच, ऑपरेशन और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और सभी ऑपरेशन विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में अत्याधुनिक उपकरणों से किए जा रहे हैं।
शिविर में आने वाले मरीजों ने भी खुशी जताई और बताया कि यह पहल उनके लिए वरदान के समान है। कई लोग कहते हैं कि गाँव से शहर जाकर महंगी स्वास्थ्य सेवा करवाना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन इस शिविर के माध्यम से उन्हें नि:शुल्क और सुरक्षित इलाज मिल रहा है।
विशेष रूप से, गाँव की सईया दीदी (सहयोग सेविका) का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को शिविर की जानकारी दी और उनका भय दूर कर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित किया। डॉ. साहू ने कहा, “सईया दीदी के प्रयासों के बिना इतनी संख्या में मरीजों को शिविर तक लाना संभव नहीं होता।”
आयोजकों ने अपील की है कि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज निःशंक होकर इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाएँ। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज कराने से दृष्टि को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
शिविर में आने वाले मरीजों की देखभाल के लिए विशेष टीम तैनात की गई है, जो मरीजों की जांच से लेकर ऑपरेशन और ऑपरेशन के बाद की दवा और परामर्श तक सभी सेवाएँ सुनिश्चित कर रही है। इस शिविर में सभी उम्र के मरीज शामिल हो सकते हैं और किसी भी मरीज की स्थिति को देखते हुए अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा उपचार किया जा रहा है।
इस आयोजन ने साफ़ दिखा दिया कि सहयोग, समर्पण और सरकारी–सामाजिक प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है। यह शिविर न केवल दृष्टि को उज्जवल बनाएगा, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
शिविर में आने वाले लाभ:
निशुल्क नेत्र जांच और मोतियाबिंद का उपचार
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सुरक्षित ऑपरेशन
नि:शुल्क दवाइयाँ और ऑपरेशन के बाद की देखभाल
गाँव में ही स्वास्थ्य सुविधा का आसान पहुँच
शिविर की सफलता ने साबित किया कि जब सामाजिक संगठन, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सरकारी प्रयास एकजुट होते हैं, तो स्वास्थ्य सेवा हर वर्ग और क्षेत्र तक पहुँच सकती है।