
तीन दिवसीय पंचायती राज विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन 08/11/2025 हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय शासन प्रणाली को सुदृढ़ करना तथा सहभागी योजना निर्माण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों, क्लस्टर स्तरीय महासंघों (CLFs) और स्थानीय प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण विकास की रणनीतियों पर चर्चा की।

पूरे कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों की उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ और भविष्य की आकांक्षाएँ साझा कीं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कृषि जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि योजनाओं की सफलता के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, जिससे ग्रामीण भारत का सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

कार्यशाला के अंतिम दिन 14 ग्राम पंचायत मुखिया और प्रखंड प्रमुख श्रीमती पूनम गिलुआ, पंचायत सदस्य समिति की दिव्या जेराई, मुक्ता मुंडू और उनकी टीम भी बैठक में शामिल हुईं। समापन सत्र के दौरान पंचायती राज संस्थानों, क्लस्टर स्तरीय महासंघों और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ब्लॉक स्तर पर “प्रखण्ड विकास मंच” तथा ग्राम पंचायत स्तर पर “पंचायत विकास मंच” का गठन किया जाएगा, ताकि स्थानीय विकास और समन्वय को नई दिशा मिल सके।

साथ ही यह भी सूचित किया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर अलग-अलग ग्राम पंचायत विज़निंग अभ्यास (GP Visioning Exercises) आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामसभा एवं स्थानीय समुदाय अपनी आकांक्षाएँ, प्राथमिकताएँ और चुनौतियाँ स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेंगे। इन विज़निंग अभ्यासों से प्राप्त सामूहिक विचार आगे चलकर ग्राम पंचायत परिप्रेक्ष्य योजना (GP Perspective Plan) का हिस्सा बनेंगे।

इस कार्यशाला में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRIF) ने तकनीकी सहयोगी एवं सुविधा प्रदाता (Facilitator) के रूप में भाग लिया। फाउंडेशन ने ब्लॉक स्तर पर स्थानीय संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने, प्रभावी योजना निर्माण और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।