
नोवामुंडी,3 जनवरी: मारंग गोमके डा० जयपाल सिंह मुण्डा की 121 वीं जयंती कोटगढ़ चौक पर आदिवासी सामाजिक संगठन षिरजन संस्था की ओर से श्रद्धाँजली सभा का आयोजन किया गया. उपस्थित लोगों ने स्व० मुण्डा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. जयंती समारोह को उच्च विधालय कोटगढ के प्रधान शिक्षक हाथीराम मुण्डा ने सम्बोधित करते हुये कहा,इंडियन सिविल सर्विस के लिये चयनीत जयपाल सिंह मुंडा ने हाॅकी के लिये नौकरी छोड दी. कहा,जिन्होंने आज से 100 साल से भी पहले उच्च शिक्षा प्राप्त की थी,जब देश में भी गिने चुने व्यक्ति ऐसी उच्च शिक्षा हासिल कर पाते थे. आगे कहा,कर्मठ व जुझारू के बल पर हाकी में भारत को विश्व विजेता बनाया.देश और राज्य के प्रति उनकी योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.इस दौरान डा० मुण्डा की याद में एक मराँग गोमके जयपिल सिंह मुण्डा आयोजन समिति का गठन किया गया.निर्णय लिया गया कि भविष्य में इसे ट्रस्ट का रुप दिया जाएगा. सभा का संचालन कर रहे शंकर चातोम्बा ने कहा कि मराँग गोमके का जन्म 3 जनवरी 1903 व मृत्यु 20 मार्च 1970 को हुई.आगे कहा बहुत जल्द सामाजिक सहयोग से डा० जयपाल सिंह मुण्डा ( मराँग गोमके) का आदमकद प्रतीमा इसी चौक पर स्थापित किया जाएगा. उसी दिन से यह चौक जयपाल सिंह चौक के नाम से जाना जाएगा. इन्हे बनाया गया आयोजन समिति पदाधिकारी—
समिति में संरक्षक सह सलाहकार के रुप में हाथीराम मुण्डा,डेबरा बालमुचु,रानी तिरिया,बिक्रम तिरिया तथा अध्यक्ष रामजीत चाम्पिया,सचिव माँहती बालमुचु कोषाध्यक्ष सुकरा तिरिया को सर्व सम्मति से मनोनीत किया गया. मौके पर बुधराम चातोम्बा,चंद्र मोहन चातोम्बा, लक्ष्मण तिरिया, सोनाराम चातोम्बा, जुरिया सिंकु, मास्कल चाम्पिया, पिंकी चाम्पिया, कमलेश तिरिया, मिनाक्षी चाम्पिया, मिरन सवैंयाँ समेत काफी संख्या में लोग ऊपस्थित थे.
