

आज छठ महापर्व का दूसरा दिन है।इस दिन से रोटी, गुड़ की खीर और फल का भोग लगाया जाता है।
खरना वाले दिन भगवान का विशेष प्रसाद व्रत रखने वाले ही तैयार करते हैं और शाम के समय भगवान को अर्पित करने के बाद ही वह उसे ग्रहण करते हैं। खरना से जो उपवास आरंभ होता है वह सप्तमी तिथि के दिन अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त होता है।कल यानी गुरुवार को अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा.

