
टाटा डी.ए.वी पब्लिक स्कूल, नोवामुंडी में दीपावली के उपलक्ष्य में ‘प्री-दिवाली सेलिब्रेशन’ और सह-पाठ्यचर्या गतिविधि के तहत एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पारंपरिक संस्कृति के प्रति रुचि जगाना, रचनात्मकता को बढ़ावा देना और उनमें टीम वर्क की भावना का विकास करना था।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या शशिकला ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए एक विशेष संदेश दिया lउन्होंने सभी से ‘पटाखा-रहित और हरित दीपावली’ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दीपावली प्रकाश और खुशियों का पर्व है, इसलिए हमें आतिशबाज़ी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण से बचते हुए दीपक के उजाले और आपसी प्रेम से इस त्योहार को मनाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण के प्रति सजग रहने और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तीन अलग-अलग समूहों यानी ग्रुप ‘ए’ में कक्षा नवम एवं एकादश, ग्रुप ‘बी’ में कक्षा छठवीं ,सातवीं,और आठवीं और ग्रुप ‘सी’ में कक्षा तृतीय , चतुर्थ और पांचवीं ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के लिए रंगोली का थीम स्वतंत्र रखा गया था और जिसमें विद्यालय के प्रत्येक हाउस से हर ग्रुप कैटेगरी के दो प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

साथ ही दीपावली के अवसर पर विद्यालय परिसर में एक हवन का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने आहुति देकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक सुरेश पंडा ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि इनसे न केवल हमारी पारंपरिक संस्कृति और कला के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है, बल्कि छात्रों में आपसी सहयोग, अनुशासन और रचनात्मकता की भावना भी प्रबल होती है।
इस रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा एकादश की छात्रा भव्या लाल और अनित बोस प्रथम, कक्षा एकादश की छात्रा जेनी हांसदा और प्रियंका महाली द्वितीय और कक्षा नवम की छात्रा अंकिता बोइपाई और इप्सिता बोइपाई तृतीय स्थान पर विजयी रहे।

इस कार्यक्रम के आयोजन में सी सी ए विभाग का विशेष सहयोग रहा। प्रतियोगिता आयोजन के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षकगण और कर्मचारीगण उपस्थित थे।
