
कांड्रा। कांड्रा स्थित एसकेजी कॉलोनी में श्री श्री दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित 75वीं प्लैटिनम जयंती समारोह के दौरान विजयादशमी के पावन अवसर पर पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूजा पंडाल में महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। लाल सिंदूर के रंग, पारंपरिक रीति-रिवाज और मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं ने विधि-विधान के साथ मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, समृद्धि, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की। महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से इस धार्मिक परंपरा को निभाते हुए आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया। पूजा पंडाल में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। बंगाल सहित पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में प्रचलित सिंदूर खेला दुर्गा पूजा की प्रमुख परंपराओं में से एक है। इस परंपरा में महिलाएं मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करती हैं। कांड्रा के एसकेजी कॉलोनी पूजा पंडाल में भी इस परंपरा की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

75वीं प्लैटिनम जयंती समारोह बना विशेष आकर्षण

श्री श्री दुर्गा पूजा कमेटी, एसकेजी कॉलोनी, कांड्रा इस वर्ष अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लैटिनम जयंती समारोह मना रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

पूजा कमेटी के अध्यक्ष होनी सिंह मुंडा के नेतृत्व में आयोजित समारोह में धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सिंदूर खेला के आयोजन ने दुर्गा पूजा के उत्सव में एक अलग रंग भर दिया। महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक परंपराओं की महत्ता को भी प्रदर्शित किया।
