
सरायकेला-खरसावां जिले के काण्ड्रा स्थित अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड के विस्तारीकरण कार्य को लेकर वन भूमि पर कथित अतिक्रमण और प्रदूषण के आरोपों ने विवाद को फिर हवा दे दी है। अखिल भारतीय आदिवासी मूलवासी रक्षा मोर्चा ने मामले की जांच और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। मोर्चा ने कहा है कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामसभा के माध्यम से झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की पहल की जाएगी।
मोर्चा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिंडराबेड़ा, तिलोपदा, बांकीपुर और रायमाड़ा समेत आसपास के गांवों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में आरोप लगाया गया कि कंपनी के विस्तारीकरण के दौरान वन भूमि प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है। मोर्चा का दावा है कि वर्ष 2022 में ग्रामसभा के माध्यम से कंपनी प्रबंधन के खिलाफ उपायुक्त, जिला प्रशासन, संबंधित विभागों तथा राज्य और केंद्र सरकार को लिखित शिकायतें भेजी गई थीं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने वन प्रमंडल सरायकेला और जिला प्रशासन से वन भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने, निष्पक्ष जांच कराने और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
पांचवीं अनुसूची और ग्रामसभा के अधिकारों का सवाल
झारखंड के अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान की पांचवीं अनुसूची और पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी पेसा के प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। पेसा ग्रामसभा को स्थानीय संसाधनों और सामुदायिक हितों से जुड़े मामलों में भूमिका देता है। वहीं, वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग पर वन संरक्षण संबंधी कानूनों के तहत निर्धारित स्वीकृतियों और लागू वनाधिकार प्रावधानों का पालन आवश्यक है। हालांकि, किसी विशेष परियोजना में उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह संबंधित भूमि के अभिलेखों, स्वीकृतियों और आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट होगा।
मोर्चा ने मांगों की अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। बैठक में संग्राम मार्डी, सचिव भरत हांसदा, सोमाय मार्डी, सुनील मार्डी, सुरेश टुडू, सुराय बेसरा, कालीचरण हांसदा, कालीपद सरदार, कुशल मार्डी, कंचन मार्डी, वेजनती टुडू, सनज्योति मार्डी, अविनाश टुडू, सरिता टुडू, मुखी टुडू और सुकू हेंब्रम सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
