
चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में आज महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी चिंतक एवं संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे एवं भाजपा के प्रदेश मंत्री श्री शैलेन्द्र कुमार सिंहजी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जयप्रकाश नारायण जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके आदर्शों और विचारों को याद किया गया।इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, त्याग, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा समाज में व्याप्त अन्याय एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के लिए समर्पित किया। उनकी संपूर्ण क्रांति की विचारधारा आज भी युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को जयप्रकाश नारायण जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।श्री पांडे जी ने ये भी उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान वर्ष 1929 में वे अमेरिका से भारत लौटे और महात्मा गांधी के संपर्क में आकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े।उन्होंने वर्ष 1932 के सविनय अवज्ञा आंदोलन और 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भूमिका निभाई।वर्ष 1934 में उन्होंने कांग्रेस के भीतर रहकर कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की नींव रखी।1942 में वे हजारीबाग सेंट्रल जेल से फरार होकर ‘आज़ाद दस्ता’ का गठन किया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के बताए मार्ग पर चलने तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, भगत लाल तेली, देवाशीष मंडल,शशि प्रकाश महतो, निकिता गोराई ,लक्ष्मी महतो, बड़ी संख्या में कार्यक्रम में लोग उपस्थित रहे ।
