
टाटा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, नोवामुंडी के प्रांगण में सोमवार को शिक्षकों और छात्रों के तकनीकी एवं विश्लेषणात्मक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कंप्यूटेशनल थिंकिंग’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में विद्यालय की प्राचार्या शशिकला एवं अंग्रेजी विषय के वरिष्ठ शिक्षक प्रदीप दास उपस्थित थे। इन विशेषज्ञों के द्वारा समस्याओं को क्रमिक रूप से हल करने , लॉजिकल रीजनिंग, और डिजिटल युग में कंप्यूटर आधारित सोच के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग के मूलभूत सिद्धांतों से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या श्रीमती शशिकला ने कहा, “आधुनिक शिक्षा प्रणाली में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में समस्याओं के विश्लेषणात्मक समाधान की क्षमता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। कंप्यूटेशनल थिंकिंग बच्चों में तार्किक क्षमता और रचनात्मकता को बढ़ाती है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद कारगर साबित होगी।” इसी क्रम में पी. के. दास ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीक का युग है। यदि शिक्षक और छात्र समस्या को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर समाधान खोजने की कला सीख लेंगे, तो किसी भी जटिल समस्या का समाधान सरल हो जाएगा। यह कार्यशाला सभी के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहेंगी।” कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ गाकर किया गया ।कार्यक्रम में कुल 24 शिक्षकों ने भाग लिया। मौके पर सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
