
फूलों झानो योजना से पांच महिलाओं को मिला 50-50 हजार रुपये का चेक
संवाददाता, नोवामुंडी।
कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज समूह की ताकत के सहारे आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि व्यवसाय के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। नोवामुंडी में आयोजित वार्षिक आमसभा में महिलाओं के इसी स्वावलंबन और सामूहिक प्रयास की तस्वीर देखने को मिली।

नोवामुंडी आजीविका महिला संकुल संगठन नोवामुंडी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा आदिवासी एसोसिएशन क्लब, नोवामुंडी में उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन एवं बाली झरण पंचायत के मुखिया रवि सामड को पारंपरिक रीति-रिवाज और नृत्य के साथ मंच तक लाकर की गई। इसके बाद अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों का पुष्प एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। स्वागत गीत के बाद सीएलएफ की लेखापाल सुरमई आलडा ने संस्था का वार्षिक आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान समूह की महिलाओं ने आकर्षक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों और उपस्थित महिला सदस्यों का मन मोह लिया।
फूलों झानो योजना से पांच महिलाओं को मिली आर्थिक मदद
वार्षिक आमसभा के दौरान फूलों झानो योजना के तहत लाभुक समूह की पांच महिलाओं को मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन के हाथों 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। बताया गया कि बड़ा जामदा पंचायत और महुदी पंचायत की महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। चेक मिलने के बाद लाभुक महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समूह से जुड़कर महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
एकजुटता से मजबूत हो रहा महिलाओं का संगठन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेएसएलपीएस के बीपीएम रूपेश कुमार ने महिला समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर काम करने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं लगातार बेहतर कार्य कर रही हैं और उनकी सक्रियता से संगठन को मजबूती मिल रही है।
मुखिया रवि सामड ने भी महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया।
मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलकर काम करना आसान नहीं था, लेकिन आज महिलाएं अपने दम पर व्यवसाय कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से समूह के माध्यम से मिलने वाले ऋण का सदुपयोग करने और समय पर ऋण चुकाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और योजनाओं का सही उपयोग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आम के स्टॉल से बढ़ा कारोबार का आत्मविश्वास
कार्यक्रम का संचालन कर रहे सीसी दीपक कुमार ने संस्था की वर्षभर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाओं ने पूरे वर्ष कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। रक्तदान और पोषण जागरूकता जैसे सामाजिक कार्यों में भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि आम के सीजन में समूह की महिलाओं ने आम का स्टॉल लगाया था, जहां अच्छी बिक्री हुई। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिला। साथ ही व्यवसाय करने को लेकर उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा।
महिलाओं के प्रयासों को मिली नई ऊर्जा

कार्यक्रम के अंत में संकुल संगठन की अध्यक्ष सोनाली बोदरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और महिला सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, मुखिया रवि सामड, बीपीएम रूपेश कुमार, चेतन कुमार, एडमिन सरविन कुमार, सीसी दीपक कुमार, पीआरपी रेशमा कुमारी, सीएलएफ अध्यक्ष सोनाली बोदरा, सचिव सुनीता पूर्ति, कोषाध्यक्ष पूनम शर्मा, उपसचिव रेखा बारजो, उपाध्यक्ष सारथी दास, द्रौपदी सामड, हेमी नायक, लवली केसरी, लता पूर्ति, हरि माया सहित बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।
