
नोआमुंडी, 5 सितंबर। शनिवार को नोआमुंडी कॉलेज में भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा संयुक्त रूप से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद शिक्षक दिवस की खुशी में केक काटा गया।

इस दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ दीं।मौके पर प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा जीवन में सही दिशा प्रदान करना भी है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन एवं उनके आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। प्राचीन काल से ही गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण पहचान रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वेदव्यास को स्मरण करने की परंपरा भी गुरु के प्रति भारतीय समाज के सम्मान को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में 1962 से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षकों के योगदान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।प्राचार्य ने कहा कि नोआमुंडी कॉलेज के विद्यार्थी शैक्षणिक क्षेत्र में काफी आगे बढ़ रहे हैं। महाविद्यालय के शिक्षकों के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और मेहनत के कारण यहां के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कॉलेज के विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री, उपायुक्त एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन और सीख को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों ने भी शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वास, मार्गदर्शन, सहयोग और आत्मीयता पर आधारित होता है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास के हाथों सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, कॉलेज बस के स्टाफ एवं सुरक्षा गार्डों को आकर्षक उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, छात्र-छात्राओं ने भी अपनी ओर से प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उपहार देकर उनके प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त किया। इस दौरान शिक्षक एवं विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता और स्नेह का भाव देखने को मिला।समारोह में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, संगीत, एकांकी एवं अन्य मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों से पूरा महाविद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और उल्लास से भर गया।समारोह के अंत में सेमेस्टर-6 की छात्रा रानी पासवान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्राचार्य, सभी शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया और राष्ट्रगान के साथ शिक्षक दिवस समारोह का समापन हुआ
