
प्रतिनिधि, नोवामुंडी.सावन माह की अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध मुर्गा महादेव शिवालय में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि नोवामुंडी से लेकर मुर्गा महादेव तक का पूरा इलाका बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष वीरो नायक के अनुसार, अंतिम सोमवारी पर दो लाख से अधिक शिव भक्तों और कांवरियों ने जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर के बाहर दोपहर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।मध्यरात्रि में जलाभिषेक शुरू होते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी, लेकिन मंदिर समिति, पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली। इस बार महिलाओं और बच्चों की संख्या में भी काफी इजाफा देखने को मिला। पिछले वर्ष की तुलना में पैदल आने वाले कांवरियों की संख्या कम रही, जबकि वाहनों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।“बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है… मुर्गा मंदिर दूर है, जाना जरूर है”पुराना नोवामुंडी से लेकर मुर्गा महादेव मंदिर तक कांवरियों की जुबान पर सिर्फ बाबा भोलेनाथ का नाम था। रास्ते भर “बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है” और “मुर्गा मंदिर दूर है, जाना जरूर है” के जयघोष गूंजते रहे।

कंधे पर कांवर, हाथों में जलपात्र और जुबान पर बोल बम का नारा लिए श्रद्धालु बाबा के दरबार की ओर बढ़ते रहे। बारिश, कीचड़ और खराब रास्तों के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।बदहाल सड़कें भी नहीं रोक सकीं भक्तिनोवामुंडी से मुर्गा महादेव मंदिर तक सड़क की हालत श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बनी रही। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे थे और कई स्थानों पर गिट्टियां उभर आई थीं। बारिश के बाद रास्ता और भी कठिन हो गया।इसके बावजूद कई श्रद्धालु नंगे पांव गड्ढों और उभरी गिट्टियों वाली सड़क पर चलते हुए मुर्गा महादेव पहुंचे और बाबा का जलाभिषेक किया।

पैरों में चुभती गिट्टियां और खराब रास्ता भी उनकी आस्था को डिगा नहीं सका।भक्तों की आस्था के सामने खराब सड़कें भी रास्ता नहीं रोक पाईं।डाक बम के लिए अर्घा सिस्टम, लाइन में नहीं लग पाने वालों को लाइव दर्शनअंतिम सोमवारी की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से डाक बम कांवरियों के लिए विशेष अर्घा सिस्टम की व्यवस्था की गई थी। इससे डाक बम श्रद्धालुओं को लंबी कतार में अधिक समय लगाए बिना बाबा पर जल अर्पित करने में सुविधा मिली।वहीं जो बोल बम कांवरिये या अन्य श्रद्धालु लंबी कतार में लगने की स्थिति में नहीं थे, वे भी अर्घा सिस्टम में जल अर्पित कर रहे थे और एलसीडी स्क्रीन के माध्यम से बाबा का लाइव दर्शन तथा जलाभिषेक देख रहे थे। इस व्यवस्था से भारी भीड़ के बीच अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अवसर मिला।

मंदिर समिति के वॉलेंटियर, पुलिस प्रशासन, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।रविवार शाम से सोमवार शाम तक जुटे रहे विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताविश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार की देर शाम से सोमवार शाम तक मुर्गा महादेव मंदिर में जुटे रहे। भारी भीड़ और बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं की सहायता, भीड़ प्रबंधन और जलाभिषेक की व्यवस्था में सहयोग किया।ओडिशा पुलिस प्रशासन के साथ झारखंड पुलिस भी लगातार गश्त करती रही। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने भी पूरी रात और सोमवार को लगातार व्यवस्था संभाली।दोपहर तक मंदिर के बाहर लंबी कतार, बाजार में भी रही रौनकअंतिम सोमवारी की भीड़ का आलम यह रहा कि दोपहर तक मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। दूर-दराज से पहुंचे भक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे।मंदिर के बाहर जगह-जगह अस्थायी दुकानें भी सजी थीं। पूजन-पाठ की सामग्री, फूल-बेलपत्र, प्रसाद, खाने-पीने की सामग्री, सजने-संवरने का सामान, बच्चों के खिलौने और खाने-पीने के होटल श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। पूजा सामग्री से लेकर खान-पान तक की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी।मूसलाधार बारिश में भी सेवा समितियों का उत्साह बरकराररविवार और सोमवार को क्षेत्र में भारी बारिश हुई। खासकर रविवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश ने श्रद्धालुओं और सेवा समितियों की परीक्षा ली, लेकिन न भक्तों का उत्साह कम हुआ और न सेवा का जज्बा।

ओडिशा क्षेत्र में विभिन्न सेवा समितियों तथा झारखंड क्षेत्र में चाईबासा से मुर्गा महादेव तक 30 से अधिक बोल बम सेवा समितियों ने श्रद्धालुओं की सेवा की। स्थानीय लोगों ने भोजन, पानी और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की।विकास इंजीनियरिंग का टेंट आकर्षण का केंद्रनोवामुंडी थाना के निकट विकास इंजीनियरिंग की ओर से लगाया गया टेंट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। यहां शिव, पार्वती, नंदी तथा भूत-पिशाच की झांकी प्रस्तुत की गई।वहीं रोशन रोडवेज और बाजार समिति के टेंट भी आकर्षक रहे और श्रद्धालुओं की सेवा में लगातार सक्रिय रहे।समाजसेवी साधु सिंह हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्तों की सेवा में दिन-रात जुटे रहे। समाजसेवी ननकू गुप्ता की ओर से लगातार दूसरे सप्ताह भी डाक बम और बोल बम कांवरियों के लिए गर्म दूध की व्यवस्था की गई।स्वर्गीय महेंद्र कर नानी के सुपुत्र सचिन की ओर से भी बोल बम और डाक बम कांवरियों के लिए सेवा की व्यवस्था की गई। कन्हैया प्रसाद और राजू प्रसाद भी भक्तों की सेवा में सक्रिय रहे।जेएसएलपीएस महिला समूह, मां काली पूजा कमेटी और कॉलेज की टीम भी सेवा मेंजेएसएलपीएस महिला समूह की पूरी टीम श्रद्धालुओं की सेवा में लगी रही। वहीं मां काली पूजा कमेटी और नोवामुंडी कॉलेज की टीम भी भक्तों की सेवा में जुटी रही। बारिश के बावजूद सभी सेवा शिविरों में उत्साह बना रहा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने दो दिनों तक संभाली चिकित्सा सेवाभारी भीड़ को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नोवामुंडी की चिकित्सा टीम रविवार और सोमवार को लगातार चिकित्सा सेवा में लगी रही। थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे श्रद्धालुओं को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।रेलवे स्टेशन पर पैर रखने तक की जगह नहींअंतिम सोमवारी के बाद मंगलवार सुबह कांवरियों के घर लौटने के दौरान रेलवे स्टेशन पर भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जनशताब्दी एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों में जाने के लिए स्टेशन पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी।कुछ कांवरिये जनशताब्दी एक्सप्रेस से रवाना हुए, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोकल ट्रेनों में सवार हुए। कांवरियों की भारी मौजूदगी से पूरा रेलवे स्टेशन भगवा रंग में रंगा नजर आया। चारों ओर बोल बम के जयकारे गूंजते रहे।बेसुध कांवरिये को सब इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी ने पहुंचाया अस्पतालमंगलवार सुबह करीब 10 बजे नोवामुंडी बाजार में ओवरब्रिज के पिलर नंबर 16 के नीचे एक कांवरिया बेसुध अवस्था में पड़ा मिला। सूचना पर डाक बम की सब इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी मौके पर पहुंचीं और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। समाजसेवी सचिन सेठ ने भी मौके पर सहयोग किया।भीड़ का फायदा उठाकर दो महिलाओं के पर्स और मोबाइल चोरीमुर्गा महादेव मंदिर के बाहर भारी भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने दो महिलाओं के पर्स, रुपये और मोबाइल फोन चोरी कर लिए। गोयलकेरा थाना क्षेत्र की राखी कुमारी महतो और चक्रधरपुर थाना क्षेत्र की पूजा पाल के नए और कीमती मोबाइल चोरी होने की जानकारी सामने आई है।ये ज्ञात मामले हैं। आशंका है कि भीड़ का फायदा उठाकर कई अन्य श्रद्धालुओं के मोबाइल और रुपये भी चोरी किए गए होंगे।सड़क हादसे में तोड़ेतोपा के युवक की मौत, कई घायलनोवामुंडी थाना क्षेत्र के महूदी टोला, तोड़ेतोपा निवासी बुधराम बारजो, महेंद्र बारजो और सिद्धू बारजो जगन्नाथपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में महेंद्र बारजो की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई, जबकि बुधराम बारजो और सिद्धू बारजो घायल हो गए।महेंद्र बारजो कांवरिया नहीं था। वह तोड़ेतोपा का युवक था और जगन्नाथपुर से लौट रहा था।इसके अलावा करीब एक दर्जन लोगों के सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने की खबर है। घायलों में सूरत देव बेहरा, संतोष दूबे, रोशन नायक (40), मधुसूदन बारिक (25), जगदीश प्रधान (35), श्रीमती लागुरी (25), पूनम लियांगी (14), राहुल नायक (24) और अंजली हेंब्रम (20) शामिल हैं। सभी का टीएमएच नोवामुंडी में इलाज कराया गया। इनमें दो युवक अभी भी इलाजरत हैं, जबकि अन्य को सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।बिना साइलेंसर बाइक चलाने वालों को पुलिस की कड़ी फटकारकांवरियों की भारी भीड़ और बढ़ते यातायात को देखते हुए नोवामुंडी पुलिस ने बाइक का साइलेंसर खोलकर तेज आवाज के साथ चलने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई। पुलिस ने ऐसे बाइक चालकों को रोककर कड़ी फटकार लगाई और निर्धारित साइलेंसर लगाकर ही वाहन चलाने की हिदायत दी।पुलिस ने स्पष्ट किया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज आवाज और तेज रफ्तार से बाइक चलाने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।आस्था के आगे हर मुश्किल छोटीसावन की अंतिम सोमवारी पर मुर्गा महादेव में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं का जलाभिषेक, दोपहर तक लंबी कतार, बारिश में सेवा, भगवा रंग में रंगा रेलवे स्टेशन और बदहाल सड़कों पर नंगे पांव चलते भक्तों ने आस्था की अद्भुत तस्वीर पेश की।एक ओर सड़क के गड्ढे और उभरी गिट्टियां थीं, दूसरी ओर मूसलाधार बारिश; लेकिन भक्तों के कदम नहीं रुके। पुराना नोवामुंडी से मुर्गा महादेव तक बस एक ही आवाज गूंजती रही—“बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है…मुर्गा मंदिर दूर है, जाना जरूर है…”आस्था, सेवा, समर्पण और सामाजिक सहयोग
