
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की इग्नू बी.एड प्रोग्राम की कार्यशाला-2 के ग्यारहवें दिन इग्नू की समन्वयक डॉ. त्रिपुरा झा ने प्रार्थना सभा के साथ प्रथम सत्र में चारों सत्र का विषय प्रवेश कराते हुए ‘ शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में दृश्य कला के स्वरूप’ और ‘ वृत्तिक दक्षता में वृद्धि हेतु पाठ्यक्रम’ विषयों पर संक्षेप में प्रकाश डाला।प्रथम और द्वितीय सत्र के संसाधन व रहे कोल्हन विश्वविद्यालय, चाईबासा के सहायक प्राध्यापक श्री धनंजय कुमार ने ‘ शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में दृश्य कला के स्वरूप’ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कक्षा कक्ष शिक्षण में दृश्य कला के कई स्वरूपों पर चर्चा की चित्रकला,रेखाचित्र,मूर्तिकला,मुद्रण,कंप्यूटर ग्राफिक की शिक्षण अधिगम में उपयोगिता और आवश्यकता पर जोर दिया।कक्षा कक्ष क्रियाकलाप के अंतर्गत शिक्षार्थियों ने कई प्रकार की दृश्य कला स्वरूपों के उपयोग द्वारा सार्थक चित्रण किया।प्रथम सत्र में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के रजिस्टर डॉ. राजेंद्र जायसवाल भी कार्यशाला में उपस्थित रहे। डॉ. जायसवाल ने शिक्षार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए बेहतर शिक्षक बनने हेतु प्रेरित किया।जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया डॉ. अंजिला गुप्ता ने शिक्षार्थियों से कार्यशाला की संक्षिप्त जानकारी ली और समाज के उद्धार में शिक्षक वर्ग के महत्व को इंगित किया। कुलपति महोदया ने शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों की भूमिका और महत्व का उल्लेख किया। कुलपति महोदया ने शिक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं और आशीष दिया।तृतीय और चतुर्थ सत्र की संसाधन सेवी रही करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर के शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. सुचेता भुईयां ने शिक्षार्थियों द्वारा विद्यालय प्रशिक्षण के दौरान निर्मित ‘शिक्षा में अभिनय एवं कला में उनके उपयोग’ विषय के कार्यों की जांच की और सभी शिक्षार्थियों ने विद्यालयी प्रशिक्षण के अपने-अपने अनुभवों को कार्यशाला में साझा किया।कार्यशाला को सफल बनाने में नेहा सुरुचि मिंज और उपेंद्र शर्मा समेत सभी संसाधन सेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
*राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सत्रावसान हुआ। कार्यशाला में शिक्षक, छात्राएं, छात्र, संसाधन सेवी उपस्थित रहे।
