
दीपावली ,छठ पर हवाई किराये में मनमानी वृद्धि आम जनता के साथ अन्याय, केंद्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे : कैट
जमशेदपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री सुरेश सोंथालिया ने दीपावली छठ एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर एयरलाइंस कंपनियों द्वारा हवाई टिकटों के किराये में कई गुना वृद्धि किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि दीपावली छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर लाखों लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने गृह नगर जाना चाहते हैं, लेकिन एयरलाइंस कंपनियां इस अवसर पर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए टिकटों के किराये में अप्रत्याशित वृद्धि कर देती हैं। सामान्य दिनों में उपलब्ध टिकट त्योहारों के समय कई गुना महंगे हो जाते हैं। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों एवं विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
श्री सोंथालिया ने कहा कि हवाई यात्रा अब विलासिता का साधन मात्र नहीं रह गई है, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है।
प्रधानमंत्री जी चाहते है कि लोग हवाई चप्पल पहनकर हवाई यात्रा करें ।ऐसे में त्योहारों के अवसर पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलना उचित नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाजार आधारित प्रतिस्पर्धा के नाम पर आम नागरिकों का आर्थिक शोषण न हो।
उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मांग की कि:
- दीपावली छठ एवं अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान हवाई किराये में असामान्य वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नीति बनाई जाए।
- एक ही रूट पर विभिन्न एयरलाइंस द्वारा वसूले जा रहे किराये की निगरानी की जाए।
- त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- टिकटों के किराये एवं अन्य शुल्कों में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं DGCA द्वारा त्योहारों के समय विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
- यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए।
सोंथालिया ने कहा कि कैट एयरलाइंस कंपनियों के व्यावसायिक हितों के विरुद्ध नहीं है, लेकिन व्यापारिक लाभ के साथ उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दीपावली छठ खुशियों, परिवार और आपसी मिलन का पर्व है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने के लिए घर जाने वाले लोगों को हवाई टिकटों की अत्यधिक कीमत चुकानी पड़े। सरकार को इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम नागरिक भी सम्मानजनक एवं उचित किराये पर हवाई यात्रा कर सकें।
