
भाव के अभाव में किया गया कार्य जड़ता को जन्म देता है
रक्तदान एक पूजा है
जमशेदपुर:
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल की ओर से 2 घंटे में परमात्मा के अस्वस्थ बच्चे को स्वस्थ करने के लिए 10 यूनिट रक्तदान किया गया।
सुनील आनंद ने कहा कि रक्तदान एक पूजा है जिस तरह भगवान को खुश करने के लिए मनुष्य विभिन्न तरह के फल ,फूल पुष्प चढ़ता है। ताकि भगवान खुश हो जाए और उनसे वह कुछ मांगता भी है। परंतु यहां भगवान को खुश करने के लिए रक्तदान किया जाता है और वह भी किसके लिए किया जाता है उन्हीं के बच्चे जो अस्पताल में कष्ट में है उनके कष्ट दूर करने के लिए भगवान के अस्वस्थ बच्चों को स्वस्थ करने के लिए हम रक्तदान करते हैं

ताकि वह स्वस्थ हो जाए तो स्वस्थ होने से क्या होगा परमात्मा खुश होंगे इसीलिए खाया जाता है मानव सेवा माधव सेवा मानव की सेवा करने से ही माधव खुश हो जाते हैं।जीवन में बड़ा से बड़ा काम भी खासकर सेवा का काम भी भाव के अभाव में किया जाता है तो उसमें क्रूड भाव (जड़ भाव) जन्म लेता है तमोगुण का प्रभाव ज्यादा हो जाता है जो की कल्याणकारी नहीं होता । इसलिए मनुष्य को परमात्मीय भाव में कार्य करना चाहिए।
