संवाददाता संचार भारत न्यूज़

आईटीआई जगन्नाथपुर में नए प्रशिक्षण सत्र 2026–28 के इंडक्शन कार्यक्रम के समापन अवसर पर दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान में नवनिर्मित वेल्डर लैब का उद्घाटन मुख्य अतिथि अवनीश कुमार, चीफ, माइन प्लानिंग एंड प्रोजेक्ट, नोआमुंडी, टाटा स्टील ने किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में अजय गोयल, हेड, काटामाटी माइंस, टाटा स्टील; संदीप केसरवानी, यूनिट हेड, टाटा स्टील फाउंडेशन; विनय कुमार, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, जगन्नाथपुर; शुभम, असिस्टेंट मैनेजर, स्किल डेवलपमेंट, टीएसएफ; श्रीदीप रॉय, मैनेजर–इन्फ्रास्ट्रक्चर, टीएसएफ; तथा हरिश्चंद्र बोबोंगा मुंडा, मालुका सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीक से युक्त बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा उनके तकनीकी कौशल को और अधिक विकसित करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत सर रतन टाटा जी की पुण्यतिथि के स्मरण पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण तथा समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
समारोह के दौरान नए प्रशिक्षुओं ने विभिन्न परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक अभिरुचि का परिचय दिया। इन गतिविधियों ने प्रशिक्षुओं के तकनीकी ज्ञान, आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में आईटीआई जगन्नाथपुर के प्राचार्य डॉ. अजय पांडेय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने प्रशिक्षुओं को तकनीकी शिक्षा के महत्व, अनुशासन, मेहनत, समर्पण और निरंतर सीखने की आवश्यकता के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएँ युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल से सशक्त बनाने तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

नवनिर्मित वेल्डर लैब का उद्घाटन संस्थान में व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशिक्षुओं को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने तकनीकी कौशल को विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।
