
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नोवामुण्डी। 10 अक्टूबर, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में टाटा मेन हॉस्पिटल, नोवामुण्डी के सीनियर रजिस्ट्रार सह ओ.एच.एस. के इंचार्ज डॉ. अमला शंकर चटर्जी एवं सीनियर रजिस्ट्रार डॉ. गौरव मिश्रा द्वारा पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोवामुण्डी में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना तथा मानसिक तनाव से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

इस अवसर पर डॉ. अमला शंकर चटर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में मानसिक तनाव शारीरिक तनाव से भी अधिक घातक साबित हो सकता है। लगातार मानसिक तनाव व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, कार्यक्षमता तथा जीवनशैली को प्रभावित कर सकता है। इसलिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने मानसिक तनाव से बचने के लिए सकारात्मक सोच अपनाने, नियमित दिनचर्या का पालन करने, पर्याप्त नींद लेने, योग एवं व्यायाम करने तथा परिवार और मित्रों के साथ अपनी भावनाओं को साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी समझाया कि मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेनी चाहिए।

वहीं, डॉ. गौरव मिश्रा ने भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई एवं दैनिक जीवन में संतुलन बनाए रखने और अपनी समस्याओं को उचित मार्गदर्शन के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रेरित किया।
इस जागरूकता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मन भी एक सुखी एवं सफल जीवन का आधार है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरत के समय उचित सहायता प्राप्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी।
