
कांड्रा। झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 18 सितंबर से अस्पताल में भर्ती थीं। रूपी सोरेन के निधन पर झामुमो केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन सोरेन परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है। कृष्णा बास्के ने कहा कि रूपी सोरेन ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए परिवार को मजबूती प्रदान की। उन्होंने दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर में परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए धैर्य, साहस और त्याग की मिसाल पेश की।उन्होंने कहा कि एक मां के रूप में रूपी सोरेन का योगदान और परिवार के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से उत्पन्न शून्य को भर पाना आसान नहीं है। कृष्णा बास्के ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत पूरे सोरेन परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में झामुमो परिवार और झारखंड की जनता शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। रूपी सोरेन झामुमो के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी गहरा शोक व्याप्त है।
