
प्रतिनिधि, नोवामुंडी।महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सेंट मेरी स्कूल, नोवामुंडी के विद्यार्थियों ने सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। 2 अक्टूबर को नोवामुंडी आदिवासी भवन में आयोजित सामाजिक सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेरणा समिति की अध्यक्ष मधुस्मिता जेना, सेक्रेटरी अभीश्वेता त्रिपाठी एवं अंशुला श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया। इससे पहले विद्यालय परिसर से नोवामुंडी आदिवासी भवन तक विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार ने जागरूकता रैली निकाली। रैली में बच्चों ने सेवा, स्वच्छता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेशों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया।‘रघुपति राघव राजा राम’ पर छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतिकार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया, जब छात्राओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ की मधुर धुन पर भावपूर्ण और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।

छात्राओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और अतिथियों का मन मोह लिया। नृत्य के माध्यम से गांधीजी के सत्य, अहिंसा और मानवता के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।विद्यार्थियों ने सामाजिक जागरूकता पर आधारित प्रभावशाली नाटक भी प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए स्वच्छता, मानवता, आपसी सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश दिया गया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचा सेवा का हाथविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा एकत्रित चावल, दाल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन एवं असहाय परिवारों के बीच वितरित की गई। सर्बिल, मेरालगड़ा, महुदी, नोवामुंडी बस्ती और डूका साई सहित आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।मुख्य अतिथियों और विद्यालय परिवार के सदस्यों ने स्वयं जरूरतमंद लोगों के बीच सामग्री का वितरण किया। विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता से यह संदेश दिया कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और छोटे-छोटे प्रयास भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ी खुशी ला सकते हैं।हिंदी और हो भाषा में साइबर ठगी से बचाव का संदेशकार्यक्रम की खास उपलब्धि विद्यार्थियों का साइबर जागरूकता अभियान रहा।


बच्चों ने हिंदी के साथ-साथ हो भाषा में ग्रामीणों को मोबाइल और बैंकिंग से होने वाली ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए।विद्यार्थियों ने समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। बैंक या किसी संस्था के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन, मैसेज और लिंक से भी सावधान रहने की अपील की गई।बच्चों ने ग्रामीणों को बताया कि यदि ऑनलाइन या बैंकिंग फ्रॉड हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत बैंक से संपर्क करें और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर कॉल करें। समय रहते शिकायत करने के महत्व के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई।स्वच्छता का भी दिया संदेशविद्यार्थियों ने ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने, कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया। बच्चों की सरल भाषा में दी गई जानकारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने ग्रामीणों को प्रभावित किया।प्रधानाध्यापिका सिस्टर करुणा एवं उप प्रधानाध्यापिका सिस्टर रानित के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांधीजी के सत्य, अहिंसा और सेवा तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया।कार्यक्रम “सेवा ही सच्ची मानवता है” के संदेश के साथ संपन्न हुआ। इस पहल ने विद्यार्थियों, विद्यालय परिवार और ग्रामीण समुदाय के बीच सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।मौके पर आदिवासी एसोसियसन संघ के अध्यक्ष घनश्याम हेंब्रम, ग्रामीण मुंडा दुशा लागूरी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
