Latest Posts

अमलगम कम्पनी में एक कर्मचारी की संदिग्ध मौत के बाद काण्ड्रा में उबाल, शव के साथ सड़क पर उतरे मजदूर, प्रबंधन पर गंभीर आरोप

Spread the love

काण्ड्रा
अमलगम स्टील कंपनी में शटडाउन के लिये बुलाये गए कर्मचारी मनीष बाजपेई की संदिग्ध मौत के बाद गुरुवार शाम काण्ड्रा में हालात तनावपूर्ण हो गए। मृतक के शव के साथ उनके पुत्र अभिनव बाजपेई, सैकड़ों मजदूर और ग्रामीण आक्रोशित होकर अमलगम स्टील गेट के समक्ष जमा हो गए। मौके पर जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया, जहाँ धरने का नेतृत्व संगठन के महामंत्री राजीव पांडे कर रहे हैं।

श्रमिकों ने शव के सामने बैठकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मनीष की मौत के पीछे कई सवाल छिपे हैं, जिन्हें कंपनी जानबूझकर दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक मृतक के परिजन को न्याय, उचित मुआवजा और किसी सदस्य को नौकरी नहीं मिलती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

महामंत्री राजीव पांडे ने कहा,
“यह सिर्फ मौत नहीं, यह संदेहों से भरा मामला है। मनीष को लगातार 24 घंटे से अधिक काम कराया गया—यह अमानवीय और श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। कंपनी को जवाब देना ही होगा।”

धरने में मौजूद श्रमिकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कंपनी निर्दोष है तो वह अब तक अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही? औद्योगिक नियमों के मुताबिक किसी फैक्ट्री में दुर्घटना होने पर 24 घंटे के भीतर फैक्ट्री इंसपेक्टर को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होता है, जबकि इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

धरना स्थल पर यह आरोप भी लगाया गया कि घटना को फैक्ट्री से 12 किलोमीटर दूर दिखाया जा रहा है ताकि इसे औद्योगिक दुर्घटना के बजाय सामान्य सड़क हादसा साबित किया जा सके। मृतक के बेटे ने घटना को फर्जी एक्सीडेंट बताते हुए कहा कि सब कुछ सुनियोजित तरीके से किया गया है।

धरना स्थल का माहौल उस वक्त बेहद भावुक हो गया जब मृतक के परिजन रोते हुए न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। मजदूरों ने एक स्वर में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मौत का सच उजागर करेगी, बशर्ते उस पर पैसों का दबाव न पड़े।

अब तक पुलिस फाइल में इस पूरे मामले को मात्र सड़क दुर्घटना का केस दर्ज किया गया है, जबकि घटनाक्रम, श्रमिकों के आरोप और मृतक के बेटे के बयान कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

धरना जारी है और मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और कंपनी ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
कांड्रा में श्रमिकों का आक्रोश अब सिर्फ नाराजगी नहीं, न्याय की लड़ाई का रूप ले चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!