
ईचागढ़ थाना क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई को लेकर हुए विवाद और मारपीट प्रकरण में ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं जेएलकेएम नेता तरुण महतो सहित तीन सहयोगियों की गिरफ्तारी अब बड़ा राजनीतिक रंग ले चुकी है। मामले के तूल पकड़ने के बीच जिला जेएलकेएम अध्यक्ष दीपक महतो और तरुण महतो की पत्नी भानुमति महतो ने प्रेस वार्ता आयोजित कर ईचागढ़ थाना प्रभारी विक्रमादित्य पांडे की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रेस वार्ता में दोनों ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने कथित रूप से बालू माफियाओं से मिलीभगत कर तरुण महतो को थाना परिसर के अंदर ही बेरहमी से पीटा, मानो वह कोई “मोस्ट वांटेड अपराधी” हों। उन्होंने कहा कि वास्तविक दोषियों को छोड़कर पुलिस ने पूरी कार्रवाई एकतरफा तरीके से की, जबकि शिकायतों के बावजूद अवैध बालू ढुलाई पर अंकुश लगाने में थाना प्रशासन नाकाम रहा है।नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित थाना प्रभारी पर सख्त कार्रवाई, तथा क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई पर तत्काल रोक की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला, तो जेएलकेएम संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ेगा।स्थानीय स्तर पर बढ़ते आक्रोश और पुलिस पर उठ रहे सवालों ने ईचागढ़ थाना की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है।