
कांड्रा हरिश्चंद्र बांधा झुडिया घाट लाहकोठी में बहुत श्रद्धा और विश्वास के साथ डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया .

लोगों की घाट में काफी ज्यादा भीड़ देखी गई। सभी लोग छठी मैया के गाना गाते हुए देखे गए । घाट को भी काफी सुंदर तरीके से सजाया गया । छठ व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इस चीज का विशेष ध्यान दिया गया।

काफी दूर-दूर से लोग छठ घाट पहुंचे। वही कल यानी मंगलवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर इस महापर्व का समापन हो जाएगा ।छठ पर्व का काफी ज्यादा महत्व माना गया है यह पर्व चार दिन तक चलता है इसीलिए इस महापर्व कहा जाता है। आज महापर्व का तीसरा दिन है ,

आज डूबते हुए सूर्य को श्रद्धालु अर्घ्य देंगे । छठ ही एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें डूबते हुए सूर्य की पूजा की जाती है ।

मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से लोगों की हर मुश्किल टल जाती है ।सुख, समृद्धि ,संपत्ति उनके घर आती है

पूरे छठ घाट में छठी मैया का गाना बज रहा था।डूबते हुए सूर्य को अर्घ देने के बाद सभी व्रतधारी अपने घर चले गए ।

कल वह घाट पुनः पधार कर उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ देंगे । ज्ञात हो कि छठ महापर्व आज पूरे देश-विदेश में मनाया जाने वाला पर्व है कांड्रा स्थित मणिकुई स्वणरेखा नदी पर भी लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है
